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Jhansi News: पुलिस को देखकर बेतवा में कूदा मजदूर दो दिन बाद भी बेसुराग

Sun, 08 Jan 2023 11:50 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jan 2023 11:50 PM IST
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Seeing the police the laborer jumped in Betwa even after two days
झांसी। अवैध खनन की सूचना पर शुक्रवार की देर रात एरच के डेरा घाट पर पहुंची टीम को देखकर वहां मौजूद तीन मजदूरों ने नदी में छलांग लगा दी थी। इनमें से दो तो अगले दिन सुबह अपने गांव पहुंच गए थे, लेकिन तीसरे का दो दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। नदी में लगातार उसकी तलाश की जा रही है। लापता मजदूरों के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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प्रशासन व पुलिस को एरच के डेरा घाट पर बालू के अवैध खनन की लगातार सूचनाएं मिली रहीं थीं। इस पर शुक्रवार की देर रात उप जिलाधिकारी क्षितिज द्विवेदी ने थाना पुलिस के साथ घाट पर छापा मारा। पुलिस को आता देख वहां मशीनों पर काम कर रहे लोगों में भगदड़ मच गई। इसी दरम्यान पुलिस से बचने के लिए जलालपुर निवासी राकेश, ओमप्रकाश व जालौन के थाना आटा के ग्राम कुरैना निवासी राजबहादुर (60) ने बेतवा नदी में छलांग लगा दी। इनमें से राकेश और ओमप्रकाश तैरकर नदी से बाहर आ गए थे, लेकिन पकड़े जाने से बचने के लिए वे दोनों नदी किनारे झाड़ियों में छुपे रहे और सुबह अपने गांव पहुंचे।
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वहीं, राजबहादुर का कोई पता नहीं चल पाया। शनिवार को सुबह से लेकर शाम तक मछुआरों व गोताखोरों की मदद से उसकी नदी में खोजबीन की जाती रही। लेकिन, सभी के हाथ खाली रहे। रविवार को भी दिन भर नदी का पानी खंगाला जाता रहा, परंतु राजबहादुर का सुराग नहीं लग पाया। घाट के इर्दगिर्द दिन भर पुलिस डेरा डाले रही। इसके अलावा ग्रामीणों की भी खासी भीड़ जमा रही।
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उधर, मौके पर पहुंचे लापता राजबहादुर के परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। राजबहादुर के पुत्र बृजकुमार का कहना रहा कि पिता की गंभीरता से तलाश नहीं की जा रही है, जिससे दो दिन बाद भी उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
आसपास के गांवों में भी तलाश जारी
झांसी। मजदूर राजबहादुर की नदी के अलावा आसपास के गांवों में भी दो दिन से तलाश की जा रही है। ग्राम कनेछा, ढेरी, जागेश्वर सहित अन्य गांवों में पुलिस और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे रहे, परंतु कोई पता नहीं चल पाया। पहले संभावना जताई जा रही थी कि अन्य दो मजदूरों की तरह वह भी तैरकर गांव पहुंच गया होगा, लेकिन दो दिन बाद भी सभी के हाथ मायूसी ही लगी।
परिजनों का बना हुआ है बुरा हाल
झांसी। घटना की जानकारी होने पर राजबहादुर के परिवार के लोग भी जालौन से एरच के डेरा घाट पर पहुंच गए। भाई रामअवतार और रामखिलावन के साथ उसका पुत्र बृजकुमार भी घाट के पास ही डेरा डाले हुए है। उन्हें अनहोनी की आशंका सता रही है। इससे उनका बुरा हाल बना हुआ है। वहीं, राजबहादुर के घर पर जालौन में भी लोगों का जमावड़ा बना हुआ है। बता दें कि राजबहादुर के दो पुत्र और एक पुत्री है। सभी की शादी हो चुकी है।
बैकफुट पर आया प्रशासन
झांसी। कार्रवाई के लिए आधी रात को घाट पर पहुंची टीम अवैध खनन तो पकड़ नहीं पाई, लेकिन नदी में कूदे मजदूर के लापता होने से बैकफुट पर जरूर आ गई। मजदूरों के नदी में छलांग लगाते ही पुलिस टीम के हाथ-पांव फूल गए थे। शनिवार की सुबह दो मजदूरों के मिलने पर सभी ने राहत की सांस ली थी, परंतु बाद में तीसरे मजदूर के लापता होने की सूचना आ गई। इस पर पूरा अमला उसकी तलाश में जुटा रहा, परंतु पता नहीं चल पाया।

बालू के अवैध खनन की सूचना पर टीम डेरा घाट पहुंची थी। इसी दरम्यान तीन मजदूरों ने नदी में छलांग लगा दी थी। इनमें से दो तो तैरकर अपने गांव पहुंच गए थे। एक का पता नहीं चल पा रहा है। गोताखोरों की मदद से उसकी नदी में लगातार तलाश की जा रही है। आसपास के गांवों में भी खोजबीन जारी है।
- क्षितिज द्विवेदी, एसडीएम गरौठा
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