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Jhansi News: ट्रैफिक डायवर्जन में फंसकर बिलबिलाए स्कूली बच्चे, जाम में घंटों फंसे रहे हजारों लोग
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान पूरा महानगर पुलिस प्रशासन की अव्यवस्थाओं से कराह उठा। पुलिस अफसरों के बेतुके फैसले के चलते सीएम के आने से दो घंटे पहले ही महानगर की महत्वपूर्ण सड़कों पर ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे स्कूलों से घर लौट रहे हजारों बच्चे सड़कों पर फंस गए। करीब दो घंटे बाद किसी तरह स्कूली बच्चे घर पहुंच सके। इसी तरह हजारों लोग भी ट्रैफिक डायवर्जन में फंस गए। उनको भी गंतव्य तक जाने का रास्ता नहीं मिला। परेशान लोगों की ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से जमकर बहस हुई। जाम में फंसे लोग सरकार को ही इस अव्यवस्था का जिम्मेदार ठहराते रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करीब 1.50 बजे झांसी आना था लेकिन, दोपहर 12 बजे से ही पुलिस ने बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा, कचहरी चौराहा, श्रीनाथ होटल तिराहा, इनकम टैक्स तिराहा समेत आयोजन स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए। उधर, बारह बजे ही अधिकांश स्कूलों की छुट्टी हो गई। इससे शहर, सीपरी बाजार, थापक बाग, अयोध्यापुरी, मिशन कंपाउंड, ताज कंपाउंड, सूती मिल, पाल कॉलोनी, दतिया गेट बाहर, नई बस्ती, ग्वालियर रोड की ओर जाने वाले बच्चे ऑटो मेें ही फंसे रह गए। इसी तरह शिवाजी नगर, करगुवा, मेडिकल की ओर भी वाहनों को जाने नहीं दिया गया। इस तरफ जाने वाले बच्चे भी सड़क पर फंस गए। ऑटो चालकों ने ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से निकलने की गुजारिश की लेकिन, पुलिसकर्मी उनको जाने देने के लिए राजी नहीं हुए। बच्चे उसी जाम में कई घंटे तक फंसे रहे। बच्चों के घर न पहुंचने से अभिभावक भी परेशान हो उठे। ऑटो चालकों ने अभिभावकों को फोन करके उनसे बच्चों को ले जाने की गुजारिश की लेकिन, सभी रास्ते बंद होने से अभिभावक भी बेबस थे।
इनसेट
दफ्तर जाने वालों को भी पुलिस ने खदेड़ा
बारह बजे से ही सभी रास्ते सील कर दिए गए। इससे नौकरी पेशा लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। बड़ी संख्या में निजी संस्थाओं के कार्यालय इलाइट चौराहा, जीवन शाह तिराहा, 48 चैंबर, सिविल लाइन के आसपास हैं। शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी अलग-अलग समय पर जाते हैं। इनको कार्यालय जाने में परेशानी हुई। इलाइट को जोड़ने वाली किसी सड़क पर किसी को आने की इजाजत नहीं थी। इधर से निकलने की कोशिश करने वालों को पुलिसकर्मियों ने खदेड़ दिया।
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राखी बांधने आई बहनों को तय करना पड़ा पैदल सफर
रक्षाबंधन पर्व मनाने मंगलवार से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके आने लगी हैं लेकिन, पुलिस ने श्रीनाथ होटल से लेकर बस स्टैंड के बीच का पूरा रास्ता बंद कर दिया था। रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड के बीच किसी ऑटो को जाने नहीं दिया गया। इस वजह से दूर-दराज से आने वाली हजारों महिलाओं को करीब चार किलोमीटर दूर बस स्टैंड पैदल ही जाना पड़ा। इससे दुखी महिलाएं सरकार समेत अफसरों को कोसती रहीं। आगरा निवासी मधु अपनी बुजुर्ग मां के साथ मंगलवार दोपहर झांसी स्टेशन पहुंची। गरौठा जाने के लिए उनको बस पकड़ना था लेकिन, साधन न मिलने से उनको बुजुर्ग मां के साथ पैदल जाना पड़ा।
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झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन के दौरान पूरा महानगर पुलिस प्रशासन की अव्यवस्थाओं से कराह उठा। पुलिस अफसरों के बेतुके फैसले के चलते सीएम के आने से दो घंटे पहले ही महानगर की महत्वपूर्ण सड़कों पर ट्रैफिक रोक दिया गया। इससे स्कूलों से घर लौट रहे हजारों बच्चे सड़कों पर फंस गए। करीब दो घंटे बाद किसी तरह स्कूली बच्चे घर पहुंच सके। इसी तरह हजारों लोग भी ट्रैफिक डायवर्जन में फंस गए। उनको भी गंतव्य तक जाने का रास्ता नहीं मिला। परेशान लोगों की ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों से जमकर बहस हुई। जाम में फंसे लोग सरकार को ही इस अव्यवस्था का जिम्मेदार ठहराते रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को करीब 1.50 बजे झांसी आना था लेकिन, दोपहर 12 बजे से ही पुलिस ने बीकेडी चौराहा, चित्रा चौराहा, कचहरी चौराहा, श्रीनाथ होटल तिराहा, इनकम टैक्स तिराहा समेत आयोजन स्थल की ओर जाने वाले सभी रास्ते सील कर दिए। उधर, बारह बजे ही अधिकांश स्कूलों की छुट्टी हो गई। इससे शहर, सीपरी बाजार, थापक बाग, अयोध्यापुरी, मिशन कंपाउंड, ताज कंपाउंड, सूती मिल, पाल कॉलोनी, दतिया गेट बाहर, नई बस्ती, ग्वालियर रोड की ओर जाने वाले बच्चे ऑटो मेें ही फंसे रह गए। इसी तरह शिवाजी नगर, करगुवा, मेडिकल की ओर भी वाहनों को जाने नहीं दिया गया। इस तरफ जाने वाले बच्चे भी सड़क पर फंस गए। ऑटो चालकों ने ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों से निकलने की गुजारिश की लेकिन, पुलिसकर्मी उनको जाने देने के लिए राजी नहीं हुए। बच्चे उसी जाम में कई घंटे तक फंसे रहे। बच्चों के घर न पहुंचने से अभिभावक भी परेशान हो उठे। ऑटो चालकों ने अभिभावकों को फोन करके उनसे बच्चों को ले जाने की गुजारिश की लेकिन, सभी रास्ते बंद होने से अभिभावक भी बेबस थे।
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दफ्तर जाने वालों को भी पुलिस ने खदेड़ा
बारह बजे से ही सभी रास्ते सील कर दिए गए। इससे नौकरी पेशा लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी। बड़ी संख्या में निजी संस्थाओं के कार्यालय इलाइट चौराहा, जीवन शाह तिराहा, 48 चैंबर, सिविल लाइन के आसपास हैं। शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी अलग-अलग समय पर जाते हैं। इनको कार्यालय जाने में परेशानी हुई। इलाइट को जोड़ने वाली किसी सड़क पर किसी को आने की इजाजत नहीं थी। इधर से निकलने की कोशिश करने वालों को पुलिसकर्मियों ने खदेड़ दिया।
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राखी बांधने आई बहनों को तय करना पड़ा पैदल सफर
रक्षाबंधन पर्व मनाने मंगलवार से बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके आने लगी हैं लेकिन, पुलिस ने श्रीनाथ होटल से लेकर बस स्टैंड के बीच का पूरा रास्ता बंद कर दिया था। रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड के बीच किसी ऑटो को जाने नहीं दिया गया। इस वजह से दूर-दराज से आने वाली हजारों महिलाओं को करीब चार किलोमीटर दूर बस स्टैंड पैदल ही जाना पड़ा। इससे दुखी महिलाएं सरकार समेत अफसरों को कोसती रहीं। आगरा निवासी मधु अपनी बुजुर्ग मां के साथ मंगलवार दोपहर झांसी स्टेशन पहुंची। गरौठा जाने के लिए उनको बस पकड़ना था लेकिन, साधन न मिलने से उनको बुजुर्ग मां के साथ पैदल जाना पड़ा।