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सारंध्रा नगर में न टंकी का पानी, न पार्क
amarujala
Updated Thu, 12 Jul 2018 01:01 AM IST
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sarnda colony, news jhansi
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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हंसारी में झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की गई सारंध्रा नगर कॉलोनी अस्तित्व में आने के 17 साल बाद भी आधी- अधूरी पड़ी है। यहां न तो पानी की टंकी का निर्माण हो सका है और न ही पार्क विकसित हो सके हैं। सड़क जगह- जगह उखड़ी पड़ी है। सफाई चौपट है। जेडीए पिछले सात- आठ साल से कॉलोनी को नगर निगम को हैंडओवर करना चाह रहा है, लेकिन आधा- अधूरा विकास होने के कारण नगर निगम इसमें रुचि नहीं ले रहा है। समस्याओं के अंबार के कारण यहां रहने वाले परेशानियों से जूझ रहे हैं।
जेडीए ने 2001 में ललितपुर रोड स्थित हंसारी में सारंघ्रा नगर कॉलोनी विकसित की थी। 32.30 एकड़ जमीन पर 500 भूखंड आवंटित किए गए। कॉलोनी में दुर्बल आय, मध्य आय, अल्प आय और उच्च आय वर्ग सहित चार प्रकार की श्रेणियों में भूखंड आवंटित किए गए थे। कॉलोनी में प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक केंद्र, शापिंग सेंटर, बाउंड्रीवाल, पानी की टंकी, पार्क समेत कई तरह की सुविधाएं देने का वायदा भूखंड लेने वालों से किया गया था, लेकिन 17 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो यहां की बाउंड्रीवाल बनवाई गई, सामुदायिक केंद्र, शापिंग सेंटर व न ही अब तक स्कूल खोला गया है। टंकी से पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण यहां के निवासियों ने अपने घरों में बोरिंग करा ली है।
कॉलोनी में 13 पार्क बनाने की जगह छोड़ी गई है, लेकिन इन स्थानों पर या तो बड़ी- बड़ी घास उगी हुई है या किसी ने टीन टप्पर डालकर भैंसों को बांध रखा है। कॉलोनी में घूमने के लिए पार्क नहीं है। कॉलोनी में पानी के सप्लाई के लिए टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के बाद से ही टंकी लीक कर रही है। इस कारण पानी की आपूर्ति का कोई इंतजाम नहीं हो सका है। यही नहीं, सफाई कर्मचारी नियमित सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। यदि नगर निगम में शिकायत करो तो विभाग का जवाब रहता है कि कॉलोनी जब तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं होगी, तब तक उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। कॉलोनी से निकले नाले पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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1.18 करोड़ मिले, लेकिन काम नहीं
जेडीए ने 2015 में कॉलोनी को सुंदर बनाने के लिए 1.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें 64 लाख रुपये सड़क निर्माण, 30 लाख रुपये नाली और डिवाइडर, 24. 61 लाख रुपये बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए थे। लेकिन मौके पर काम नहीं दिखाई दे रहा है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पैसा गया कहां।
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जेडीए ने 2001 में ललितपुर रोड स्थित हंसारी में सारंघ्रा नगर कॉलोनी विकसित की थी। 32.30 एकड़ जमीन पर 500 भूखंड आवंटित किए गए। कॉलोनी में दुर्बल आय, मध्य आय, अल्प आय और उच्च आय वर्ग सहित चार प्रकार की श्रेणियों में भूखंड आवंटित किए गए थे। कॉलोनी में प्राथमिक विद्यालय, सामुदायिक केंद्र, शापिंग सेंटर, बाउंड्रीवाल, पानी की टंकी, पार्क समेत कई तरह की सुविधाएं देने का वायदा भूखंड लेने वालों से किया गया था, लेकिन 17 वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो यहां की बाउंड्रीवाल बनवाई गई, सामुदायिक केंद्र, शापिंग सेंटर व न ही अब तक स्कूल खोला गया है। टंकी से पानी की सप्लाई नहीं होने के कारण यहां के निवासियों ने अपने घरों में बोरिंग करा ली है।
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कॉलोनी में 13 पार्क बनाने की जगह छोड़ी गई है, लेकिन इन स्थानों पर या तो बड़ी- बड़ी घास उगी हुई है या किसी ने टीन टप्पर डालकर भैंसों को बांध रखा है। कॉलोनी में घूमने के लिए पार्क नहीं है। कॉलोनी में पानी के सप्लाई के लिए टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन निर्माण के बाद से ही टंकी लीक कर रही है। इस कारण पानी की आपूर्ति का कोई इंतजाम नहीं हो सका है। यही नहीं, सफाई कर्मचारी नियमित सफाई पर ध्यान नहीं देते हैं। यदि नगर निगम में शिकायत करो तो विभाग का जवाब रहता है कि कॉलोनी जब तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं होगी, तब तक उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। कॉलोनी से निकले नाले पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है, इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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1.18 करोड़ मिले, लेकिन काम नहीं
जेडीए ने 2015 में कॉलोनी को सुंदर बनाने के लिए 1.18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें 64 लाख रुपये सड़क निर्माण, 30 लाख रुपये नाली और डिवाइडर, 24. 61 लाख रुपये बाउंड्रीवाल के निर्माण के लिए स्वीकृत किए गए थे। लेकिन मौके पर काम नहीं दिखाई दे रहा है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पैसा गया कहां।