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सर्जरी की एमएस सीटों को मान्यता
amarujala
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:09 AM IST
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- फोटो : demo
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की एमएस (मेडिकल सर्जन) की सभी सीटों को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मान्यता दे दी है। इसके साथ ही पूर्व के पासआउट बैच की डिग्रियां भी वैध हो गई हैं।
सर्जरी विभाग की एमएस सीटों की मान्यता 2016 में एमसीआई ने रद्द कर दी थी। इसके पीछे का मुख्य कारण ओटी में ऑपरेशन और चिकित्सा शिक्षकों की संख्या कम होना था। 2015 के मुकाबले 2016 में सर्जरी की ओटी में ऑपरेशन की संख्या कम हो गई थी। जून 2016 में एमसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया तो मानक पूरे नहीं मिले। फिर एमसीआई ने एमएस की सभी छह सीटों की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, केंद्र सरकार की अनुमति के चलते कॉलेज में छह सीटों पर प्रवेश होते रहे। दो साल बाद 23 अप्रैल 2018 को एमसीआई ने फिर से सर्जरी विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मॉड्यूलर ओटी, ओपीडी देखी। जहां प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या दर्ज की।
सर्जरी विभाग, वार्ड का भी जायजा लिया गया। इसके बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उच्च अधिकारियों को टीम ने अपनी रिपोर्ट दी। जांच रिपोर्ट में सर्जरी ओटी में ऑपरेशनों की संख्या ज्यादा मिली। साथ ही चिकित्सा शिक्षकों के पद मानक अनुसार मिले। सोमवार को एमसीआई ने सर्जरी विभाग की एमएस की सभी छह सीटों को मान्यता दे दी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पांच साल के लिए मान्यता मिली है।
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सर्जरी विभाग की एमएस सीटों की मान्यता 2016 में एमसीआई ने रद्द कर दी थी। इसके पीछे का मुख्य कारण ओटी में ऑपरेशन और चिकित्सा शिक्षकों की संख्या कम होना था। 2015 के मुकाबले 2016 में सर्जरी की ओटी में ऑपरेशन की संख्या कम हो गई थी। जून 2016 में एमसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया तो मानक पूरे नहीं मिले। फिर एमसीआई ने एमएस की सभी छह सीटों की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, केंद्र सरकार की अनुमति के चलते कॉलेज में छह सीटों पर प्रवेश होते रहे। दो साल बाद 23 अप्रैल 2018 को एमसीआई ने फिर से सर्जरी विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने मॉड्यूलर ओटी, ओपीडी देखी। जहां प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या दर्ज की।
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सर्जरी विभाग, वार्ड का भी जायजा लिया गया। इसके बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के उच्च अधिकारियों को टीम ने अपनी रिपोर्ट दी। जांच रिपोर्ट में सर्जरी ओटी में ऑपरेशनों की संख्या ज्यादा मिली। साथ ही चिकित्सा शिक्षकों के पद मानक अनुसार मिले। सोमवार को एमसीआई ने सर्जरी विभाग की एमएस की सभी छह सीटों को मान्यता दे दी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. साधना कौशिक ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पांच साल के लिए मान्यता मिली है।
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