झांसी। सांसद आर्दश ग्राम के अंर्तगत बबीना ब्लॉक के सरवां गांव को चुुने जाने के बाद झांसी-ललितपुर सांसद ने करीब सवा माह पहले 18 जुलाई को वहां चौपाल लगाई थी। उस दौरान तमाम सारे कार्य कराने का ग्रामीणों से वादा किया लेकिन, उन कार्यो की जमीनी प्रगति देखने वह अब तक दोबारा अपने गोद लिए गांव नहीं पहुंचे। सांसद के गोद लिए गांव की हालत यह है कि आबादी के लिहाज से एक शौचालय पर करीब नौ लोगों का औसत बैठ रहा है।
बता दें, पिछले वित्तीय वर्ष के खत्म होने से कुछ समय पहले ही उन्होंने इस गांव को सांसद आर्दश गांव योजना के तहत गोद लिया था। काफी विलंब हो जाने और बाद में कोविड के प्रभाव के चलते गांव में कार्य कराने में अफसरों को बजट का टोटा पड़ गया। लिहाजा, तमाम सारे कार्य अभी फाइलों में ही अटके हैं। हालांकि प्रशासनिक अमले का दावा है कि यहां कई सारे कार्य कराए गए। अफसरों के मुताबिक करीब पांच हजार आबादी के इस गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 555 शौचालय बनवाए गए। इस तरह औसत के मुताबिक एक शौचालय करीब नौ लोग इस्तेमाल करते हैं। यहां सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण कराया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से महज 44 किसानों को ही चना, गेहूं, उर्द के बीज वितरित हुए। चेकडैम के निर्माण के लिए अभी टेंडर प्रक्रिया ही शुरू हुई है। उद्यान विभाग की ओर से कैंप आयोजित किया गया। हालांकि अभी लाभर्थियों को औषधीय पौधों का लाभ नहीं मिला।