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सहारिया जाति के पचास हजार लोगों के जीवन में आएगा व्यापक बदलाव
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झांसी। जिले में रहने वाले सहारिया जाति के लगभग पचास हजार लोगों के जीवन में बदलाव लाने की तैयारी कर ली गई है। प्रशासन की ओर से इन्हें सहूलियतें उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ इन्हें दिलाया जाएगा। इसके लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है।
जिले में सहारिया जाति के लगभग दस हजार परिवार रहते हैं, जिनकी अनुमानित आबादी पचास हजार है। ज्यादातर परिवारों की दशा बेहद दयनीय है। शिक्षा का स्तर भी बेहद गिरा हुआ है। छोटे-मोटे काम कर ये लोग गुजारा करते हैं। सहारिया जाति के ज्यादातर लोग झोपड़ पट्टी में रहते हैं। लेकिन, अब इनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर ली गई है। योजना के अनुसार प्रत्येक सहारिया परिवार को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। मनरेगा के जॉब कार्ड बनाए जाएंगे। इनके लिए शौचालय की व्यवस्था होगी। आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही जमीन के पट्टे भी दिए जाएंगे। रसोई गैस व बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, इन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार योजना (एनआरएलएम) से जोड़कर समूह बनवाए जाएंगे। इसके लिए सभी परिवारों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इन्हें सूचीबद्ध कर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
सहारिया जाति के जिले में लगभग दस हजार परिवार हैं, जिनके जीवन में बदलाव लाने के लिए उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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जिले में सहारिया जाति के लगभग दस हजार परिवार रहते हैं, जिनकी अनुमानित आबादी पचास हजार है। ज्यादातर परिवारों की दशा बेहद दयनीय है। शिक्षा का स्तर भी बेहद गिरा हुआ है। छोटे-मोटे काम कर ये लोग गुजारा करते हैं। सहारिया जाति के ज्यादातर लोग झोपड़ पट्टी में रहते हैं। लेकिन, अब इनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर ली गई है। योजना के अनुसार प्रत्येक सहारिया परिवार को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। मनरेगा के जॉब कार्ड बनाए जाएंगे। इनके लिए शौचालय की व्यवस्था होगी। आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही जमीन के पट्टे भी दिए जाएंगे। रसोई गैस व बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, इन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार योजना (एनआरएलएम) से जोड़कर समूह बनवाए जाएंगे। इसके लिए सभी परिवारों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है। इन्हें सूचीबद्ध कर सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।
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सहारिया जाति के जिले में लगभग दस हजार परिवार हैं, जिनके जीवन में बदलाव लाने के लिए उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है। - आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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