फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   "Saab Bai Rai Ujdoi Fort Kau wall '

‘उजड़ोई रै बाई साब के किले कौ परकोटा’

Tue, 18 Oct 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 18 Oct 2016 12:43 AM IST
विज्ञापन
 "Saab Bai Rai Ujdoi Fort Kau wall '
nagar nigm, jhansi news - फोटो : demo
1857 की क्रांति के गवाह रहे रानी लक्ष्मी बाई के किले के परकोटे का पुराना वैभव लौटने की उम्मीदों पर ग्रहण लग गया है। नगर निगम ने परकोटे की दीवार व लकड़ी के दरवाजों को दुरुस्त कर हेरीटेज लुक देने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकृति नहीं दी गई है।
विज्ञापन

ऐतिहासिक किला का संरक्षण तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग कर रहा है, लेकिन परकोटा की देखरेख भगवान भरोसे है। पुरातत्व विभाग इसे अपना नहीं मानता है, जिससे यह नगर निगम के भरोसे है। देखरेख न होने के कारण परकोटा बदहाली के दौर से गुजर रहा है। परकोटा का शायद ही कोई हिस्सा ऐसा होगा, जहां अवैध कब्जे न हों। इसके दरवाजों व खिड़कियों की हालत खस्ता होती जा रही है।
विज्ञापन

नगर निगम ने इस ऐतिहासिक धरोहर को विकसित करने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया था। इस पैसे से क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत, दरवाजों का ऐतिहासिक स्वरूप लौटाने के लिए हूबहू लकड़ी के दरवाजे और खिड़कियों को भी उसी तरह से बनाने की योजना थी, ताकि परकोटा मूल स्वरूप जैसा नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इंसेट
----
परकोटा का इतिहास
ओरछा के राजा वीर सिंह ने 1613 में झांसी किला का निर्माण कराया था। 1742 में किले पर मराठा सूबेदार नारू शंकर का आधिपत्य हुआ था। बाहरी आक्रमणों से नगरवासियों की सुरक्षा के लिए महारानी लक्ष्मीबाई के ससुर व महाराजा गंगाधर राव के पिता शिवराम हरि ने 1794-1814 के दौरान शहर के चारों ओर परकोटा बनवाया था। इसके अलावा आसपास के कस्बों को जोड़ने के लिए परकोटा में दस दरवाजे खंडेराव द्वार, दतिया द्वार, उन्नाव द्वार, ओरछा द्वार, लक्ष्मी द्वार, सागर द्वार, सैंयर द्वार, भांडेर द्वार, बड़ागांव द्वार और झरना द्वार बनवाए थे। यही नहीं, खिड़कियां (छोटे दरवाजे) गनपतगिरि की खिड़की, अलीगोल की खिड़की, सूजे खां की खिड़की, बिलैया की खिड़की और सागर खिड़की भी बनवाई थीं। सभी दरवाजों व खिड़कियों पर सैनिक तैनात रहते थे। रात के समय इनको बंद कर दिया जाता था, ताकि कोई बिना इजाजत नगर में नहीं आ सके।

कोट
----
भारत सरकार ने परकोटा के सौंदर्यीकरण के प्रस्ताव को स्वीकृत नहीं किया है। हेरीटेज सिटी के लिए मथुरा और वाराणसी का चयन हुआ है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता तो परकोटा का स्वरूप बदल जाता और शहर को इससे पर्यटन के लिहाज से बहुत फायदा होता।
- अरुण प्रकाश, नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed