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Check Bounce : चेक बाउंस होने पर 45 लाख रुपये का जुर्माना, साथ में 6 माह का सश्रम कारावास
Thu, 18 Aug 2022 06:17 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2022 06:17 AM IST
सार
Check Bounce : न्यायालय ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद अभियुक्त पर 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 42 लाख रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी को देने के आदेश जारी किए।
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- फोटो : istock
विस्तार
अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह की अदालत ने चेक बाउंस होने के एक मामले में अभियुक्त पर 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा छह माह के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई।
गुमनावारा निवासी अधिवक्ता निर्देश कुमार द्विवेदी ने पुरानी तहसील के पास गनपत का बगीचा निवासी कालीचरण उर्फ काली दादा को 42 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके एवज में उन्हें दो चेक दिया गया था। तय तिथि पर भुगतान के लिए चेकों को बैंक में लगाने पर वह खाते में पर्याप्त धनराशि न होने की वजह से बाउंस हो गईं।
इसके बाद रकम वापसी के लिए अधिवक्ता की ओर से कालीचरण को नोटिस भेजा गया। बावजूद इसके रकम की अदायगी न होने पर अभियुक्त ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद अभियुक्त पर 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 42 लाख रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी को देने के आदेश जारी किए।
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गुमनावारा निवासी अधिवक्ता निर्देश कुमार द्विवेदी ने पुरानी तहसील के पास गनपत का बगीचा निवासी कालीचरण उर्फ काली दादा को 42 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके एवज में उन्हें दो चेक दिया गया था। तय तिथि पर भुगतान के लिए चेकों को बैंक में लगाने पर वह खाते में पर्याप्त धनराशि न होने की वजह से बाउंस हो गईं।
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इसके बाद रकम वापसी के लिए अधिवक्ता की ओर से कालीचरण को नोटिस भेजा गया। बावजूद इसके रकम की अदायगी न होने पर अभियुक्त ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। न्यायालय ने मामले की पूरी सुनवाई के बाद अभियुक्त पर 45 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसमें से 42 लाख रुपये बतौर प्रतिकर परिवादी को देने के आदेश जारी किए।
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