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शोध और सेमिनार का रिजल्ट बताओ?

Fri, 24 Mar 2017 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 24 Mar 2017 12:42 AM IST
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Research and the results of the seminars tell?
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : demo
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम ने निरीक्षण के पहले दिन जमीनी हकीकत परखी। सबसे पहले विभागाध्यक्षों/समन्वयकों ने प्रजेंटेशन दी। फिर नौ सदस्यीय टीम ने तीन-तीन के ग्रुप में बंटकर विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान शोध और सेमिनार समेत विभिन्न मामलों का आउटकम पूछा। विभाग के अलावा व्यक्तिगत तौर पर शिक्षकों की उपलब्धियों का जायजा लिया। 
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शुरूआत में 31 विभागों ने प्रजेंटेशन दी। 7-8 मिनट की प्रजेंटेशन के जरिए विभागों ने अपनी कार्य प्रगति बताई। टीम ने सभी से प्रमाण भी मांगा। साथ ही विभागों के साथ हुए कंपनियों के करार, सेमिनार के आयोजन आदि से होने वाले फायदे के बारे में भी पूछा। जिन विभागों में छात्र-छात्राएं बढ़े अथवा घटे हैं, उनके कारण को भी जाना। टीम ने सवालों का जवाब देने में कुछ विभागाध्यक्षों/समन्वयकों के पसीने भी छूट गए। इसके बाद नैक की टीम ने तीन-तीन के ग्रुप में आर्किटेक्चर, अर्थ साइंस, लाइब्रेरी साइंस, सेंट्रल लाइब्रेरी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, हिंदी, इकोनॉमिक्स समेत कई विभागों की स्थिति से रूबरू हुई। इंजीनियरिंग में पहले 20 से 25 मिनट कांफ्रेंस हॉल में समन्वयकों के साथ बैठक की। फिर लैब का निरीक्षण किया। उपकरण के रखरखाव, साफ-सफाई पर खुशी जताई। छात्र-छात्राओं से प्रैक्टिकल को लेकर सवाल पूछे। टीम ने समन्वयकों से विद्यार्थियों की उपलब्धियों की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में प्लेसमेंट आदि का उल्लेख करना होगा। हिंदी विभाग में विभाग की उपलब्धियां जैसे पुस्तक मेला, सेमिनार के प्रमाण मांगे। इसके अलावा व्यक्तिगत तौर पर शिक्षकों की उपलब्धियां भी पूछी, इस पर शिक्षकों ने खुद की लिखित किताबों के बारे में टीम को बताया। शोधार्थियों से शिक्षकों के नाम भी पूछे। इकोनॉमिक्स विभाग में टीम ने छात्रों से शिक्षकों की परफॉर्मेन्स जानी। लैब, परीक्षा परिणाम देखने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। सेंट्रल लाइब्रेरी में टीम ने जर्नल्स, डिजिटल रिसोर्सेस के बारे में पूछताछ की। साथ ही पांच साल में खरीदी गई किताबों और खर्च हुए पैसे का विस्तृत ब्योरा मांगा। 
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