{"_id":"57a23d2d4f1c1b675d2ba484","slug":"removal-of-the-department-of-biotechnology-coordinator","type":"story","status":"publish","title_hn":"बायोटेक्नोलॉजी विभाग समन्वयक को हटाया ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बायोटेक्नोलॉजी विभाग समन्वयक को हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:21 AM IST
विज्ञापन
bu, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षकों के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बीच समन्वयक को कुलपति ने हटा दिया है। अभी नये समन्वयक को लेकर फैसला नहीं हुआ है।
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय, डॉ. जोंस मेंथ्यु, बालेंद्र सिंह ने 21 जुलाई को कुलपति को शिकायती पत्र देकर समन्वयक डॉ. वीएस चौहान पर कई आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि समन्वयक ने 20 जुलाई को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक होने की बात कही थी, लेकिन समय के बारे में सूचना नहीं दी। 21 जुलाई को समन्वयक ने बोर्ड ऑफ स्टडीज के मिनट्स पर हस्ताक्षर करने को बोल दिया। शिक्षकों का आरोप है कि जबरदस्ती हस्ताक्षर का दबाव बनाया गया।
इस पर समन्वयक ने अपने जवाब में कहा कि डेढ़ माह पहले मौखिक व ई-मेल के जरिए बैठक की सूचना दी थी तथा व्यक्तिगत रूप से भी शिक्षकों बुलाने गए थे। साजिश के तहत ये ड्रामा कर रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार को यह मामला कुलपति के सामने पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप जड़े, इससे माहौल गर्मा गया। इस बीच कुलपति ने विभाग समन्वयक को उनके पद से हटाने का फैसला सुना दिया। हालांकि, अभी नये समन्वयक को लेकर निर्णय नहीं हुआ है लेकिन चर्चा है कि विभागीय माहौल को देखते हुए डीन साइंस को विभाग का जिम्मा सौंपा जा सकता है।
विज्ञापन
बायोटेक्नोलॉजी विभाग के शिक्षक डॉ. प्रमोद कुमार पांडेय, डॉ. जोंस मेंथ्यु, बालेंद्र सिंह ने 21 जुलाई को कुलपति को शिकायती पत्र देकर समन्वयक डॉ. वीएस चौहान पर कई आरोप लगाए थे। उनका आरोप था कि समन्वयक ने 20 जुलाई को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक होने की बात कही थी, लेकिन समय के बारे में सूचना नहीं दी। 21 जुलाई को समन्वयक ने बोर्ड ऑफ स्टडीज के मिनट्स पर हस्ताक्षर करने को बोल दिया। शिक्षकों का आरोप है कि जबरदस्ती हस्ताक्षर का दबाव बनाया गया।
विज्ञापन
इस पर समन्वयक ने अपने जवाब में कहा कि डेढ़ माह पहले मौखिक व ई-मेल के जरिए बैठक की सूचना दी थी तथा व्यक्तिगत रूप से भी शिक्षकों बुलाने गए थे। साजिश के तहत ये ड्रामा कर रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार को यह मामला कुलपति के सामने पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप जड़े, इससे माहौल गर्मा गया। इस बीच कुलपति ने विभाग समन्वयक को उनके पद से हटाने का फैसला सुना दिया। हालांकि, अभी नये समन्वयक को लेकर निर्णय नहीं हुआ है लेकिन चर्चा है कि विभागीय माहौल को देखते हुए डीन साइंस को विभाग का जिम्मा सौंपा जा सकता है।