फल और सब्जी कारोबारियों को प्रदेश सरकार की ओर से बढ़ी राहत दी गई है। उन्हें 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क की जगह अब सिर्फ एक फीसदी यूजर चार्ज ही देना होगा। हालांकि, ये छूट 46 जिंसों पर ही मिलेगी। बाकी उत्पादों पर मंडी शुल्क पहले की तरह ही वसूला जाएगा। फल और सब्जी के लाइसेंसधारी कारोबारियों से 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क वसूल किया जाता था। लेकिन, अब इस व्यवस्था में तब्दीली कर दी गई है। मंडी शुल्क को समाप्त कर दिया गया है। इसके एवज में सिर्फ एक प्रतिशत यूजर चार्ज लिया जाएगा। इससे कारोबारियों को डेढ़ प्रतिशत की राहत मिलेगी। हालांकि, इस छूट का लाभ सरकार द्वारा अनुमन्य 46 जिंसों पर ही मिलेगा। बाकी जिंसों पर पहले की तरह 2.5 प्रतिशत मंडी शुल्क ही अदा करना होगा। इन फल और सब्जियों पर मिलेगी छूट आम, सेब, हरी मटर, केला, अनार, पत्ता गोभी, फूल गोभी, मौसम्मी, अंगूर, पपीता, तरबूज, संतरा, बैगन, खीरा, कद्दू, लौकी, गाजर, अरबी, अमरूद, मूली, पेठे वाला कद्दू, भिंडी, परवल, कच्चा कटहल, करेला, किन्नू, खरबूज, शकरकंद, चीकू, लीची, आंवला, कुंदरू, नाशपाती, जिमीकंद, टिंडा, बेर, माल्टा, आडू, हरी लोबिया, पका कटहल, चकोतरा, लोकाट, खुबानी, ब्रोकली, सिंघाड़ा व ग्रेप फ्रूट। सरकार ने फल और सब्जियों की 46 जिंसों पर मंडी शुल्क समाप्त कर दिया है। इसके स्थान पर महज एक प्रतिशत यूजर चार्ज ही देना होगा। इससे झांसी मंडी को सालाना 60 लाख रुपये के राजस्व की क्षति होगी। लेकिन, फल, सब्जी की कीमतों में नरमी से आम आदमी को राहत मिलेगी। झांसी मंडी में इस नई व्यवस्था का लगभग चार सौ कारोबारियों को लाभ मिलेगा। - पंकज कुमार शर्मा, मंडी सचिव