{"_id":"662aec1e884059c98206d69f","slug":"regular-practice-and-respect-for-time-hard-work-will-shine-like-gold-jhansi-news-c-11-bly1006-303766-2024-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: नियमित अभ्यास और वक्त की कद्र... सोना बनकर चमकेगी मेहनत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: नियमित अभ्यास और वक्त की कद्र... सोना बनकर चमकेगी मेहनत
विज्ञापन
लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में मलखंब और जिमनास्टिक के खिलाड़ी बहा रहे पसीना, सोना जीतने की ख्वाहिश
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वक्त की कद्र करते हुए यदि नियमित अभ्यास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में इन दिनों मलखंब और जिमनास्टिक के खिलाड़ी जमकर पसीना बहा रहे हैं। इन खिलाड़ियों का सपना है कि वह देश के लिए ओलंपिक खेलें और सोना जीत कर लाएं। यहां शिविर में 150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।इनको मलखंब और जिमनास्टिक में दक्ष करने के लिए शारीरिक क्षमता एवं एकाग्रता बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य शिक्षक केशव कुमार की देखरेख में प्रशिक्षित कोच द्वारा खेलों की बारीकियों का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रस्तुत है कुछ खिलाड़ियों से बातचीत...
मेरी दोस्त यहां पर मलखंब सीखने आती हैं। फिर मैंने भी यहां आना शुरू किया। यहां रोप, फिक्स मलखंब सीख रही हूं और राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं।
- नैंसी अहिरवार, मलखंब
- नौ साल की आयु से मलखंब का प्रशिक्षण ले रही हूं। रोप मलखंब एवं पोल मलखंब पर प्रदर्शन करना अच्छा लगता है। मैं खेलो इंडिया की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहती हूं उसके लिए कड़ी मेहनत करती हूं।
विज्ञापन
- अंजली अग्रवाल, मलखंब
- एक साल से जिमनास्टिक का प्रशिक्षण ले रहा हूं। इसमें पैरेलल वार, हॉरिजेंट वार, रोमन रिंग सीख रहा हूं।
- अंशुमन, जिमनास्टिक
- मैं फ्लोर एक्सरसाइज, बीम एक्सरसाइज सीख रही हूं। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं।
- परी, जिमनास्टिक
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वक्त की कद्र करते हुए यदि नियमित अभ्यास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में इन दिनों मलखंब और जिमनास्टिक के खिलाड़ी जमकर पसीना बहा रहे हैं। इन खिलाड़ियों का सपना है कि वह देश के लिए ओलंपिक खेलें और सोना जीत कर लाएं। यहां शिविर में 150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं।इनको मलखंब और जिमनास्टिक में दक्ष करने के लिए शारीरिक क्षमता एवं एकाग्रता बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्य शिक्षक केशव कुमार की देखरेख में प्रशिक्षित कोच द्वारा खेलों की बारीकियों का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रस्तुत है कुछ खिलाड़ियों से बातचीत...
मेरी दोस्त यहां पर मलखंब सीखने आती हैं। फिर मैंने भी यहां आना शुरू किया। यहां रोप, फिक्स मलखंब सीख रही हूं और राष्ट्रीय मलखंब प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं।
विज्ञापन
- नैंसी अहिरवार, मलखंब
- नौ साल की आयु से मलखंब का प्रशिक्षण ले रही हूं। रोप मलखंब एवं पोल मलखंब पर प्रदर्शन करना अच्छा लगता है। मैं खेलो इंडिया की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना चाहती हूं उसके लिए कड़ी मेहनत करती हूं।
विज्ञापन
- अंजली अग्रवाल, मलखंब
- एक साल से जिमनास्टिक का प्रशिक्षण ले रहा हूं। इसमें पैरेलल वार, हॉरिजेंट वार, रोमन रिंग सीख रहा हूं।
- अंशुमन, जिमनास्टिक
- मैं फ्लोर एक्सरसाइज, बीम एक्सरसाइज सीख रही हूं। अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर गोल्ड मेडल जीतना चाहती हूं।
- परी, जिमनास्टिक