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पढ़ने के लिए शादी से इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2017 11:53 PM IST
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शादी
- फोटो : demo
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एक युवती सिर्फ अपना घर छोड़कर इसलिए आ गई कि वह आगे पढ़कर आईएएस बनना चाहती है, जबकि उसके पिता उसकी शादी करना चाहते है। पिता का कहना कि उनका सामर्थ्य नहीं कि वह अपनी बेटी को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहर में भेज सकें।
झांसी जिले के एक कस्बे में रहने वाली सुनीता (परिवर्तित नाम) सोमवार को झांसी कोचिंग पढ़ने आई थी, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं पहुंची। परेशान परिजन उसकी रात भर तलाश करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं लगा। बाद में युवती के पिता ने नवाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
मंगलवार को युवती खुद ही महिला थाने पहुंच गई। यहां उसने महिला थाना प्रभारी के समक्ष लिखित रूप से बयान दिया कि वह बीएससी पास कर चुकी है और जॉब के लिए कोचिंग कर रही है। मेरे पिता मेरी शादी कराना चाहते है, जबकि वह आईएएस बनना चाहती है। कहा कि जॉब लगने के बाद पिता के कहने पर शादी भी कर लूंगी। इसी कारण वह सोमवार को कोचिंग पढ़ने के बाद स्टेशन आ गई। यहां से वह इलाहाबाद जाना चाहती थी। इलाहाबाद में अपनी सहेलियों के पास रुककर पढ़ाई करती और छोटी-मोटी नौकरी करके खर्चा चला लेती। मगर, पिता के बारे में सोचकर वह इलाहाबाद नहीं गई और रात स्टेशन पर ही गुजारी।
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इधर, पता लगने पर परिजन भी रिश्तेदारों के साथ थाने आ गए। पिता ने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। पिता का कहना था कि उनकी चार बेटियां हैं और किसानी कर वह किसी तरह बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उच्च शिक्षा दिलाने का सामर्थ्य उनके पास नहीं है। देर शाम महिला थाना पुलिस ने युवती को नवाबाद थाने के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में नवाबाद थाना प्रभारी दीपक मिश्रा ने बताया कि युवती के बुधवार को कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। इसके बाद ही कोई निर्णय होगा।
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झांसी जिले के एक कस्बे में रहने वाली सुनीता (परिवर्तित नाम) सोमवार को झांसी कोचिंग पढ़ने आई थी, लेकिन इसके बाद वह घर नहीं पहुंची। परेशान परिजन उसकी रात भर तलाश करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं लगा। बाद में युवती के पिता ने नवाबाद थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी।
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मंगलवार को युवती खुद ही महिला थाने पहुंच गई। यहां उसने महिला थाना प्रभारी के समक्ष लिखित रूप से बयान दिया कि वह बीएससी पास कर चुकी है और जॉब के लिए कोचिंग कर रही है। मेरे पिता मेरी शादी कराना चाहते है, जबकि वह आईएएस बनना चाहती है। कहा कि जॉब लगने के बाद पिता के कहने पर शादी भी कर लूंगी। इसी कारण वह सोमवार को कोचिंग पढ़ने के बाद स्टेशन आ गई। यहां से वह इलाहाबाद जाना चाहती थी। इलाहाबाद में अपनी सहेलियों के पास रुककर पढ़ाई करती और छोटी-मोटी नौकरी करके खर्चा चला लेती। मगर, पिता के बारे में सोचकर वह इलाहाबाद नहीं गई और रात स्टेशन पर ही गुजारी।
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इधर, पता लगने पर परिजन भी रिश्तेदारों के साथ थाने आ गए। पिता ने बेटी को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थी। पिता का कहना था कि उनकी चार बेटियां हैं और किसानी कर वह किसी तरह बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उच्च शिक्षा दिलाने का सामर्थ्य उनके पास नहीं है। देर शाम महिला थाना पुलिस ने युवती को नवाबाद थाने के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में नवाबाद थाना प्रभारी दीपक मिश्रा ने बताया कि युवती के बुधवार को कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। इसके बाद ही कोई निर्णय होगा।