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जेल की रोटी खाने के लिए करवाते हैं सिफारिश!
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जेल की रोटी खाने के लिए करवाते हैं सिफारिश!
झांसी। जेल जाने के नाम से ही लोग घबरा जाते हैं, मगर शहर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना अपराध जेल में कुछ घंटे बिताना चाहते हैं। इसके लिए वे तमाम हथकंडे भी अपनाते हैं। जेल की दो रोटी खाने के लिए वे सिफारिशें भी लगवाते हैं। जिनकी किसी के पास पहुंच नहीं है वे थानों की हवालात में पहुंचने के लिए छोटी मोटी शिकायतें भी करवाते हैं। यह लोग ऐसा कुंडली में कारागार दोष को दूर करवाने के लिए करते हैं। जी हां, धर्म गुरु या ज्योतिषाचार्य के कहने पर वे इस टोटके का उपयोग करते हैं। इसमें आम आदमी ही नहीं, फिल्मी सितारे भी शामिल हैं।
जून माह से अब तक बारह लोगों ने जेल जाने के लिए आवेदन भी किए, लेकिन नियम कानून के चलते किसी को भी इजाजत नहीं मिल सकी। लोगों का मानना है कि अगर वो जेल में कुछ समय बिताएंगे तो उनके कुंडली दोष ठीक हो जाएंगे। जेल से जुडे़ अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि लोग कुंडली दोष दूर करने के लिए कुछ समय जेल में ही बिताना चाहते हैं। चूंकि, इस तरह का कोई नियम नहीें है, इस वजह से वे इसकी इजाजत नहीं दे पाते। ऐसे हालातों में पानी पीने की इजाजत मांगते हैं। ऐसे लोगों को पानी पिला दिया जाता है। कुछ लोग रोटी सब्जी की भी मांग करते हैं। इसके लिए वे नेताओं तक की सिफारिशें लगवाते हैं। इन लोगों का मानना होता है कि जेल की रोटी खाकर अथवा पानी पीकर जेल जाने के योग से बच जाएंगे। अफसरों के अनुसार इस तरह की मांग करने वाले आम लोग नहीं होते हैं।
जेल में खाना पानी की मांग लोगों की आती रहती है। इसके पीछे उनका क्या मकसद है मैं नहीं जानता। संभवत: जेल यात्रा का डर इसके पीछे कारण होता है।
- राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
यह भी हैं टोटके
- जेल के अंदर प्रवेश करके बाहर हो जाना
- जेल के एंट्री रजिस्टर में नाम दर्ज हो जाना
- जेल के अंदर जाकर कुछ देर बैठकर आ जाना
फिल्म अभिनेता राजपाल भी आए थे जेल की रोटी खाने
झांसी। दोष दूर कराने के लिए फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने भी झांसी कारागार पहुंचकर रोटी मांगी थी। बाद में उनको चाय व पानी पिलाया गया था। इससे संतुष्ट होने के बाद वे चले गए थे। उनके अनुसार उनकी कुंडली में जेल दोष बताया गया था, जिसके कारण वे कारागार आए थे। कई अधिकारी जेल का खाना टेस्ट करने के बहाने कारागार योग टालते हैं।
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कई लोग ऐसे भी हैं जो मुलाकातियों से मिलने के बहाने भी जेल जाना चाहते हैं। इतना ही नहीं अंदर कैंटीन से खाना खाकर भी अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं। इस तरह कई लोगों का आना-जाना जेल में लगा रहता है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह के अनुसार उनके पास भी लोग ग्रह दोष की बात कहकर लॉकअप में बैठने आते हैं, जिनसे प्रार्थना पत्र लेकर कुछ देर के लिए लॉकअप में बैठा दिया जाता है। वे अपने साथ खाना या फिर चाय, नाश्ता भी लाते हैं।
यही नहीं, पुलिस के कुछ वरिष्ठ और रिटायर्ड अधिकारी, नेता व बड़े कारोबारी भी जेल में खाना खाने जाते हैं। कई कारोबारी तो ऐसे भी हैं जो सिफारिश लगाकर अधिकारी को अपनी बात बता देते हैं कि जेल योग टालने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो खाना टेस्ट करने के बहाने जेल का खाना खाकर जाते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य भी योग टालने से ही होता है।
कुंडली में छठा भाव, आठवां भाव और बारहवें भाव के ग्रहों के परस्पर शीर्ष संबंध से आदमी के जीवन में जेल जाने का योग बनता है। छठा भाव शत्रु, आठवां भाव आयु व कष्ट तथा बारहवां भाग हानि व अपमान का होता है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं, जो कुंडली में जेल जाने का योग बनाता है।
आचार्य हरीओम पाठक
जातक की कुंडली में अगर चंद्रमा तथा शनि दूसरा, छठा, आठवें व बारहवें स्थान पर हो और नीच एवं पाप ग्रह के साथ हो, तो उसे कारागार में जाने का योग बनता है।
महंत विष्णु दत्त स्वामी
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झांसी। जेल जाने के नाम से ही लोग घबरा जाते हैं, मगर शहर में कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो बिना अपराध जेल में कुछ घंटे बिताना चाहते हैं। इसके लिए वे तमाम हथकंडे भी अपनाते हैं। जेल की दो रोटी खाने के लिए वे सिफारिशें भी लगवाते हैं। जिनकी किसी के पास पहुंच नहीं है वे थानों की हवालात में पहुंचने के लिए छोटी मोटी शिकायतें भी करवाते हैं। यह लोग ऐसा कुंडली में कारागार दोष को दूर करवाने के लिए करते हैं। जी हां, धर्म गुरु या ज्योतिषाचार्य के कहने पर वे इस टोटके का उपयोग करते हैं। इसमें आम आदमी ही नहीं, फिल्मी सितारे भी शामिल हैं।
जून माह से अब तक बारह लोगों ने जेल जाने के लिए आवेदन भी किए, लेकिन नियम कानून के चलते किसी को भी इजाजत नहीं मिल सकी। लोगों का मानना है कि अगर वो जेल में कुछ समय बिताएंगे तो उनके कुंडली दोष ठीक हो जाएंगे। जेल से जुडे़ अधिकारी इस बात को स्वीकार करते हैं कि लोग कुंडली दोष दूर करने के लिए कुछ समय जेल में ही बिताना चाहते हैं। चूंकि, इस तरह का कोई नियम नहीें है, इस वजह से वे इसकी इजाजत नहीं दे पाते। ऐसे हालातों में पानी पीने की इजाजत मांगते हैं। ऐसे लोगों को पानी पिला दिया जाता है। कुछ लोग रोटी सब्जी की भी मांग करते हैं। इसके लिए वे नेताओं तक की सिफारिशें लगवाते हैं। इन लोगों का मानना होता है कि जेल की रोटी खाकर अथवा पानी पीकर जेल जाने के योग से बच जाएंगे। अफसरों के अनुसार इस तरह की मांग करने वाले आम लोग नहीं होते हैं।
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जेल में खाना पानी की मांग लोगों की आती रहती है। इसके पीछे उनका क्या मकसद है मैं नहीं जानता। संभवत: जेल यात्रा का डर इसके पीछे कारण होता है।
- राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
यह भी हैं टोटके
- जेल के अंदर प्रवेश करके बाहर हो जाना
- जेल के एंट्री रजिस्टर में नाम दर्ज हो जाना
- जेल के अंदर जाकर कुछ देर बैठकर आ जाना
फिल्म अभिनेता राजपाल भी आए थे जेल की रोटी खाने
झांसी। दोष दूर कराने के लिए फिल्म अभिनेता राजपाल यादव ने भी झांसी कारागार पहुंचकर रोटी मांगी थी। बाद में उनको चाय व पानी पिलाया गया था। इससे संतुष्ट होने के बाद वे चले गए थे। उनके अनुसार उनकी कुंडली में जेल दोष बताया गया था, जिसके कारण वे कारागार आए थे। कई अधिकारी जेल का खाना टेस्ट करने के बहाने कारागार योग टालते हैं।
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कई लोग ऐसे भी हैं जो मुलाकातियों से मिलने के बहाने भी जेल जाना चाहते हैं। इतना ही नहीं अंदर कैंटीन से खाना खाकर भी अपनी इच्छा पूरी कर लेते हैं। इस तरह कई लोगों का आना-जाना जेल में लगा रहता है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह के अनुसार उनके पास भी लोग ग्रह दोष की बात कहकर लॉकअप में बैठने आते हैं, जिनसे प्रार्थना पत्र लेकर कुछ देर के लिए लॉकअप में बैठा दिया जाता है। वे अपने साथ खाना या फिर चाय, नाश्ता भी लाते हैं।
यही नहीं, पुलिस के कुछ वरिष्ठ और रिटायर्ड अधिकारी, नेता व बड़े कारोबारी भी जेल में खाना खाने जाते हैं। कई कारोबारी तो ऐसे भी हैं जो सिफारिश लगाकर अधिकारी को अपनी बात बता देते हैं कि जेल योग टालने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं जो खाना टेस्ट करने के बहाने जेल का खाना खाकर जाते हैं, लेकिन उनका उद्देश्य भी योग टालने से ही होता है।
कुंडली में छठा भाव, आठवां भाव और बारहवें भाव के ग्रहों के परस्पर शीर्ष संबंध से आदमी के जीवन में जेल जाने का योग बनता है। छठा भाव शत्रु, आठवां भाव आयु व कष्ट तथा बारहवां भाग हानि व अपमान का होता है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं, जो कुंडली में जेल जाने का योग बनाता है।
आचार्य हरीओम पाठक
जातक की कुंडली में अगर चंद्रमा तथा शनि दूसरा, छठा, आठवें व बारहवें स्थान पर हो और नीच एवं पाप ग्रह के साथ हो, तो उसे कारागार में जाने का योग बनता है।
महंत विष्णु दत्त स्वामी