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कोरोना की मार से नहीं उबर पाया रियल एस्टेट कारोबार
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झांसी। कोरोना काल में पैदा हुईं विपरीत परिस्थितियों से रियल एस्टेट कारोबार उबर नहीं पाया है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि साल 2020-21 की तुलना में 2021-22 में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त बढ़ने की जगह कम हुई है। विभाग भी राजस्व वसूली का लक्ष्य 80 फीसदी ही हासिल कर पाया है।
कोरोना काल में कारोबार और रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हो गए थे। ये अब भी पुरानी स्थिति में नहीं लौट पाए हैं। इससे रियल एस्टेट कारोबार भी प्रभावित हुआ है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जनपद में संपत्ति की 53,860 रजिस्ट्रियां हुईं थीं। इसमें बढ़ोतरी के लिए प्रशासन ने सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाए थे। बावजूद, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 53,182 रजिस्ट्रियां ही हुईं हैं। इससे निबंधन विभाग के राजस्व का पहिया भी 80 फीसदी पर पहुंचकर थम गया है। विभाग को दो अरब 43 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, इसके सापेक्ष विभाग दो अरब 29 करोड़ रुपये ही हासिल कर पाया है।
प्लॉट ज्यादा बिके, फ्लैट कम
झांसी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में छोटे प्लॉटों की बिक्री ज्यादा हुई। लोगों ने 1000 से 1800 वर्गफुट तक के प्लॉट खरीदने में रुचि दिखाई। सस्ते प्लॉटों की ज्यादा खरीद-फरोख्त हुई है। जबकि, फ्लैट की बिक्री में कमी देखने को मिली है।
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पिछले दो-तीन सालों से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। कुछ ही स्थानों पर आंशिक परिवर्तन किया गया था। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में खरीद-फरोख्त में बढ़ोतरी की संभावना है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन
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कोरोना काल में कारोबार और रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हो गए थे। ये अब भी पुरानी स्थिति में नहीं लौट पाए हैं। इससे रियल एस्टेट कारोबार भी प्रभावित हुआ है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जनपद में संपत्ति की 53,860 रजिस्ट्रियां हुईं थीं। इसमें बढ़ोतरी के लिए प्रशासन ने सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाए थे। बावजूद, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 53,182 रजिस्ट्रियां ही हुईं हैं। इससे निबंधन विभाग के राजस्व का पहिया भी 80 फीसदी पर पहुंचकर थम गया है। विभाग को दो अरब 43 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, इसके सापेक्ष विभाग दो अरब 29 करोड़ रुपये ही हासिल कर पाया है।
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प्लॉट ज्यादा बिके, फ्लैट कम
झांसी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में जिले में छोटे प्लॉटों की बिक्री ज्यादा हुई। लोगों ने 1000 से 1800 वर्गफुट तक के प्लॉट खरीदने में रुचि दिखाई। सस्ते प्लॉटों की ज्यादा खरीद-फरोख्त हुई है। जबकि, फ्लैट की बिक्री में कमी देखने को मिली है।
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पिछले दो-तीन सालों से सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। कुछ ही स्थानों पर आंशिक परिवर्तन किया गया था। चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में खरीद-फरोख्त में बढ़ोतरी की संभावना है।
- प्रवीण सिंह, सहायक महानिरीक्षक निबंधन