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फिर से उड़ान भरेगा रानीपुर का कपड़ा कारोबार

Sun, 10 Jul 2022 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 01:15 AM IST
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Ranipur's textile business will take off again
झांसी। दम तोड़ते रानीपुर कपड़ा उद्योग में एक बार फिर से पंख लगने के आसार नजर आने लगे हैं। कपड़ा कारोबार को एक जनपद-एक उत्पाद योजना (ओडीओपी) का सह उत्पाद बनाया जा रहा है। इसका प्रस्ताव शासन की हाई पावर कमेटी के एजेंडे में शामिल हो गया है। इसी माह इस पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
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ओडीओपी योजना के तहत जिले का उत्पाद सॉफ्ट ट्वायज है। लेकिन, अब सह उत्पाद के रूप में कपड़ा कारोबार को भी जोड़ा जा रहा है। इसका सबसे ज्यादा लाभ रानीपुर के बुनकरों को होगा। एक समय रानीपुर के कपड़े की पूरे देश में तूती बोलती थी। घर-घर में हथकरघा लगे हुए थे। यहां का कपड़ा उद्योग हजारों लोगों की रोजी-रोटी का सहारा था। लेकिन, सरकार की अनदेखी और सुविधाओं के अभाव में ये कारोबार गर्त में चला गया। पुराने बुनकर गमछे बनाकर किसी तरह गुजर बसर कर रहे हैं। जबकि, नई पीढ़ी इससे दूरी बना चुकी है। इसे दुबारा से खड़ा करने के लिए उद्योग विभाग द्वारा कपड़ा कारोबार को जिले में ओडीओपी योजना का सह उत्पाद बनाने की योजना तैयार की थी। प्रस्ताव शासन के पास भेजा गया था। शासन की हाई पावर कमेटी ने इसे अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। इसी माह होने वाली कमेटी की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।
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यह होगा लाभ
झांसी। कपड़ा कारोबार के सह उत्पाद बनने से बुनकरों के लिए बैंकों से ऋण लेना आसान हो जाएगा। डेढ़ करोड़ के ऋण पर उन्हें 20 लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी, जबकि डेढ़ करोड़ से कम के कर्ज पर 25 फीसदी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे वे आधुनिक मशीनरी व कच्चा माल खरीद सकेंगे। इसके अलावा कॉमन फेसिलिटी सेंटर (सीएफसी) भी विकसित किए जाएंगे, जिनमें 90 प्रतिशत अंशदान प्रदेश सरकार का होगा। सीएफसी में आधुनिक मशीनरी उपलब्ध रहेंगी, जिनका उपयोग बुनकर कर सकेंगे।
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इन्हें भी मिलेगा फायदा
झांसी। कपड़ा कारोबार के सह उत्पाद बनने का लाभ सामान्य कपड़ा कारोबारियों को भी मिलेगा। कपड़ों के विक्रेता, उत्पादकों को भी ओडीओपी का लाभ मिलेगा। कपड़ों की दुकान संचालक से लेकर मॉल संचालक तक इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। यहां तक कि धागा बेचने व बनाने वालों समेत कपड़ों से जुड़ा कोई भी कारोबार करने वाले इस योजना का लाभ हासिल कर सकेंगे।

कपड़ा कारोबार को ओडीओपी योजना का सह उत्पाद बनाने का प्रस्ताव विभाग द्वारा भेजा गया था, जिसे शासन की हाई पावर कमेटी ने अपने एजेंडे में शामिल कर लिया है। इसी माह इस पर मुहर लगने की संभावना है। इससे कपड़ा कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति को ओडीओपी योजना का लाभ मिलेगा। रानीपुर कपड़ा उद्योग फिर से अपनी पुरानी स्थिति में लौट सकेगा।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त - उद्योग
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