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दुआ को उठे हाथ, लबों से निकला आमीन
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sat, 20 Jun 2015 01:00 AM IST
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झांसी। पवित्र रमजान माह की शुरूआत जुमा (शुक्रवार) से होने का उत्साह एवं इबादत का जज्बा लोगों में खूब दिखा। जुमे की नमाज के लिए नगर की सभी मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों ने भाग लिया और खुदा की शान में अपने सिर झुकाए। वहीं शाम को इफ्तार में लोगों ने खजूर खाकर रोजा खोला।
शुक्रवार क ो सुबह सहरी के बाद रोजेदारों ने फजिर की नमाज पढ़ी। इसके बाद दोपहर जुमे की नमाज के लिए बिसाती मस्जिद, मरकजी मस्जिद, रिसाला चुंगी मस्जिद, सीपरी बाजार जामा मस्जिद, आवास विकास मस्जिद, नबाव मस्जिद आदि में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पेश इमामों ने लोगों के लिए खुशी और देश के लिए अमन की दुआ की तो मस्जिदों में आमीन गूंज उठा। सायं इफ्तार से पूर्व दुआ मांगी और रोजेदारों ने खजूर खाकर पहला रोजा मुकम्मल किया।
वहीं रमजान के अवसर पर देर शाम मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ी गई, जो देर रात तक जारी रही।
मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि रोजा तमाम बुराईयों से बचने के लिए ढाल है। उन्होंने पाक रमजान में लोगों से आंख, कान, जुबान, हाथ, पैर, दिल, दिमाग से होने वाले गुनाहों से बचने की अपील की। वहीं रमजान का उत्साह बच्चों में खासा दिख रहा है। बाजारों में भी प्रतिवर्ष की तरह सेंवई, दूध फेनी एवं खजूर की बिक्री जोर पकड़ चुकी है।
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शुक्रवार क ो सुबह सहरी के बाद रोजेदारों ने फजिर की नमाज पढ़ी। इसके बाद दोपहर जुमे की नमाज के लिए बिसाती मस्जिद, मरकजी मस्जिद, रिसाला चुंगी मस्जिद, सीपरी बाजार जामा मस्जिद, आवास विकास मस्जिद, नबाव मस्जिद आदि में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान पेश इमामों ने लोगों के लिए खुशी और देश के लिए अमन की दुआ की तो मस्जिदों में आमीन गूंज उठा। सायं इफ्तार से पूर्व दुआ मांगी और रोजेदारों ने खजूर खाकर पहला रोजा मुकम्मल किया।
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वहीं रमजान के अवसर पर देर शाम मस्जिदों में तरावीह की नमाज पढ़ी गई, जो देर रात तक जारी रही।
मुफ्ती साबिर कासमी ने बताया कि रोजा तमाम बुराईयों से बचने के लिए ढाल है। उन्होंने पाक रमजान में लोगों से आंख, कान, जुबान, हाथ, पैर, दिल, दिमाग से होने वाले गुनाहों से बचने की अपील की। वहीं रमजान का उत्साह बच्चों में खासा दिख रहा है। बाजारों में भी प्रतिवर्ष की तरह सेंवई, दूध फेनी एवं खजूर की बिक्री जोर पकड़ चुकी है।
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