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राम के जीवन से जुड़े स्थलों की चित्र प्रदर्शनी लगी
jhansi
Updated Wed, 17 Oct 2018 02:01 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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सीपरी की काली बाड़ी में मंगलवार को भगवान राम के जीवन से जुडे़ स्थलों के चित्रों की प्रदर्शनी लगायी गयी। इन चित्रों में नासिक, होशंगाबाद, बस्तर, कर्नाटक के कई वह स्थल हैं, जहां राम ने वनवास का काफी समय बिताया। चित्रों में ताड़का वध व जनक महल भी शामिल हैं।
प्रदर्शनी में 245 चित्रों को फ्लैक्स पर दिखाया गया है। इनमें नासिक का मनस्थान, जहां लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी थी। इसके अलावा कर्नाटक तुंगभद्रा का हनुमान हल्ली स्थल जहां भगवान राम और हनुमान के बीच प्रथम मुलाकात हुई थी, आकर्षण का केंद्र है। अन्य प्रमुख चित्रों में नासिक में गोदावरी के समीप बना राम मंदिर जहां राम ने रावण के मामा मारीच को तीर मारा था, छत्तीसगढ़ जसपुर का राम मंदिर, यहां राम ने वनवास का एक लंबा समय बिताया था। नासिक का सर्वतीर्थ यहां जटायु का अंतिम संस्कार राम ने किया था। तमिलनाडु क ा विलुंडी तीर्थ, यहां राम सेना वानर सेना के लिए समुद्र में मीठे जल की व्यवस्था की थी। आयोजक प्रियांशु डे के मुताबिक प्रदर्शनी दशहरा तक लगेगी। प्रदर्शनी का शुभारंभ महापौर रामतीर्थ सिंघल ने किया।
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प्रदर्शनी में 245 चित्रों को फ्लैक्स पर दिखाया गया है। इनमें नासिक का मनस्थान, जहां लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काटी थी। इसके अलावा कर्नाटक तुंगभद्रा का हनुमान हल्ली स्थल जहां भगवान राम और हनुमान के बीच प्रथम मुलाकात हुई थी, आकर्षण का केंद्र है। अन्य प्रमुख चित्रों में नासिक में गोदावरी के समीप बना राम मंदिर जहां राम ने रावण के मामा मारीच को तीर मारा था, छत्तीसगढ़ जसपुर का राम मंदिर, यहां राम ने वनवास का एक लंबा समय बिताया था। नासिक का सर्वतीर्थ यहां जटायु का अंतिम संस्कार राम ने किया था। तमिलनाडु क ा विलुंडी तीर्थ, यहां राम सेना वानर सेना के लिए समुद्र में मीठे जल की व्यवस्था की थी। आयोजक प्रियांशु डे के मुताबिक प्रदर्शनी दशहरा तक लगेगी। प्रदर्शनी का शुभारंभ महापौर रामतीर्थ सिंघल ने किया।
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