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अब 28 के बाद मानसूनी बारिश
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Mon, 26 Jun 2017 12:36 AM IST
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rain
- फोटो : amar ujala
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झांसी।
बुंदेलखंड में 28 जून के बाद मानसूनी बारिश की संभावना है। पूर्वी हवाएं चलने के कारण यहां अनुकूल स्थिति बनेगी। मौसम विभाग के अनुसार एक जुलाई से झमाझम बारिश हो सकती है। वहीं, रविवार को दिन में तेज गर्मी और उमस से लोग बेहाल रहे, लेकिन रात में बदली के बीच ठंडी हवाओं ने राहत दी। अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
जिले में इस बार मानसून भी एक सप्ताह देरी से आ रहा है। सामान्यत: 20-22 जून तक झांसी समेत बुंदेलखंड में मानसून की दस्तक हो जाती है। मगर इस बार प्री मानसूनी बारिश भी एक दिन में सिमटकर रह गई। प्री मानसून के बेअसर हो जाने के बाद लोगों में निराशा है।
अब सबकी नजर मानसून पर टिकी गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र का कहना है कि चूंकि, उत्तर प्रदेश में ही इस बार मानसून देर से प्रवेश किया, इसीलिए इसका असर बुंदेलखंड में भी पड़ा है। मौजूदा समय में पश्चिमी दिशा से हवाएं चल रही हैं, जबकि मानसूनी बारिश के लिए इनकी दिशा पूर्वी होनी चाहिए। ऐसी स्थिति 28 जून के बाद नजर आ रही है। इसलिए तभी मानसून की दस्तक बुंदेलखंड में होगी।
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एक जुलाई से झमाझम बारिश की संभावना है। रात लगभग 9.30 बजे बदली के बीच ठंडी हवाएं चलीं। इससे लोगों ने राहत महसूस की। इस दौरान बिजली के कुछ फीडर एहतियातन बंद कर दिए गए। आधे घंटे बाद बिजली आ गई। देर रात कुछ इलाकों में बिजली की आवाजाही होती रही।
बॉक्स..
पर्याप्त नमी पर करें बुवाई
मौसम वैज्ञानिक ने किसानों से पर्याप्त नमी होने पर ही खरीफ की फसलों की बुवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मानसूनी बारिश शुरू होने पर मूंगफली, मक्का, ज्वार, सोयाबीन, उर्द, मूंग की फसलों की बुवाई करें। वहीं, तिल की बुवाई 15 जुलाई के बाद की जाए।
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बुंदेलखंड में 28 जून के बाद मानसूनी बारिश की संभावना है। पूर्वी हवाएं चलने के कारण यहां अनुकूल स्थिति बनेगी। मौसम विभाग के अनुसार एक जुलाई से झमाझम बारिश हो सकती है। वहीं, रविवार को दिन में तेज गर्मी और उमस से लोग बेहाल रहे, लेकिन रात में बदली के बीच ठंडी हवाओं ने राहत दी। अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
जिले में इस बार मानसून भी एक सप्ताह देरी से आ रहा है। सामान्यत: 20-22 जून तक झांसी समेत बुंदेलखंड में मानसून की दस्तक हो जाती है। मगर इस बार प्री मानसूनी बारिश भी एक दिन में सिमटकर रह गई। प्री मानसून के बेअसर हो जाने के बाद लोगों में निराशा है।
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अब सबकी नजर मानसून पर टिकी गई है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मुकेश चंद्र का कहना है कि चूंकि, उत्तर प्रदेश में ही इस बार मानसून देर से प्रवेश किया, इसीलिए इसका असर बुंदेलखंड में भी पड़ा है। मौजूदा समय में पश्चिमी दिशा से हवाएं चल रही हैं, जबकि मानसूनी बारिश के लिए इनकी दिशा पूर्वी होनी चाहिए। ऐसी स्थिति 28 जून के बाद नजर आ रही है। इसलिए तभी मानसून की दस्तक बुंदेलखंड में होगी।
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एक जुलाई से झमाझम बारिश की संभावना है। रात लगभग 9.30 बजे बदली के बीच ठंडी हवाएं चलीं। इससे लोगों ने राहत महसूस की। इस दौरान बिजली के कुछ फीडर एहतियातन बंद कर दिए गए। आधे घंटे बाद बिजली आ गई। देर रात कुछ इलाकों में बिजली की आवाजाही होती रही।
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पर्याप्त नमी पर करें बुवाई
मौसम वैज्ञानिक ने किसानों से पर्याप्त नमी होने पर ही खरीफ की फसलों की बुवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मानसूनी बारिश शुरू होने पर मूंगफली, मक्का, ज्वार, सोयाबीन, उर्द, मूंग की फसलों की बुवाई करें। वहीं, तिल की बुवाई 15 जुलाई के बाद की जाए।