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झांसी : रेलवे ने होटलों से मांगे प्रस्ताव, पुराने कोचों को रेस्टोरेंट बनाने के लिए लीज पर देगा रेलवे

Sat, 04 Sep 2021 01:38 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 04 Sep 2021 01:38 PM IST
सार

रेलवे ने होटलों से प्रस्ताव मांगे हैं। खाका तैयार करने के बाद रेलवे इस योजना को परवान चढ़ाएगा। मंडल में 50 से अधिक कंडम कोच मौजूद हैं। रेलवे अब अपने पुराने कोचों को बेचेगा नहीं, बल्कि इन्हें लीज पर देगा। इनको रेस्टोरेंट खोलने के लिए दिया जाएगा।

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hansi: Railways has sought proposals from hotels, railways will lease old coaches to make them restaurants
रेलवे कोच - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

रेलवे अब अपने पुराने कोचों को बेचेगा नहीं, बल्कि इन्हें लीज पर देगा। इनको रेस्टोरेंट खोलने के लिए दिया जाएगा। रेलवे ने होटलों से प्रस्ताव मांगे हैं। खाका तैयार करने के बाद रेलवे इस योजना को परवान चढ़ाएगा। मंडल में 50 से अधिक कंडम कोच मौजूद हैं।
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होटल संचालकों से प्रस्ताव मांगे
रेलवे ने कंडम हो चुके ट्रेन के कोचों को रेस्टारेंट में तब्दील करने की योजना तैयारी की है। इनमें लोग बैठकर लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। रेल कोच रेस्टोरेंट वातानुकूलित होंगे। कोच में लगी बर्थों को हटाने के साथ उनके स्थान पर सुंदर टेबिल और कुर्र्सियों को रेस्टोरेंट की तरह डाला जाएगा। रेलवे थीम पर आधारित रेस्टोरेंट को बनाने के लिए पुराने व कंडम होे चुके कोचाें का उपयोग किया जाएगा। रेलवे ने होटल संचालकों से प्रस्ताव मांगे हैं। प्रस्ताव में आने वालेे सुझावों को शामिल किया जाएगा। इसमें पुराने कोच को नए रूप रंग ढालकर उसे आकर्षक बनाया जाएगा। तीन साल के लिए यह रेस्टोरेंट लीज पर दिए जाएंगे।
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रेल मंडल के पास 50 के करीब कंडम कोच मौजूद
स्लीपर व एसी कोच की आयु 30 साल होती है। इसके बाद यह कोच कंडम हो जाता है। साधारण कोच की कीमत 35 लाख, स्लीपर की 46 और एसी कोच की कीमत 70 लाख होती है। एक कोच के रखरखाव का कार्य 18 माह के भीतर होना जरूरी है। एक निरीक्षण व जांच के बाद एक कोच 3500 किलोेमीटर या फिर 96 घंटे ही चलाया जाता है। रेल मंडल के पास 50 के करीब कंडम कोच मौजूद हैं।
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 रेलवे बोर्ड पुराने कोचों को रेस्टोरेंट के रूप में विकसित करना चाहता है। अगर कोई इच्छुक व्यक्ति है तो वह संपर्क कर सकता है।

अखिल शुक्ला, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (द्वितीय)।

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