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रेलवे स्टेशन पर कभी भी हो सकता है हादसा
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Fri, 21 Aug 2015 01:31 AM IST
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झांसी। रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई ट्रेनों की पेंट्रीकार में कुछ लोग बेखौफ सिलेंडरों को चढ़ाने का धंधा कर रहे हैं। इससे हर समय प्लेटफार्म पर अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म व ट्रेनों पर किसी भी ज्वलनशील वस्तु का चढ़ाना वर्जित है। ट्रेनों के पेंट्रीकार में भी जो सिलेंडर व खाद्य सामग्री चढ़ाई जाती हैं, उसकी व्यवस्था प्रारंभिक स्टेशन से ही करनी पड़ती है। मगर इस नियम का झांसी स्टेशन पर खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। सुरक्षा को ताक पर रखकर खासकर गोरखपुर से आने वाली ट्रेनों में सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है।
इतना ही नहीं मानक को दरकिनार कर कच्ची खाद्य सामग्री भी ट्रेनों में चढ़ाई जा रही है। यह कारोबार आरक्षण कार्यालय के बगल से प्लेटफार्म की तरफ जाने वाले बाले गेट से धड़ल्ले से होता है। जबकि इस गेट की चाबी रेलवे कर्मचारियों के पास रहती है। पिछले दिनों आरपीएफ के एक जवान से विवाद होने पर काम बंद करवा दिया गया था, मगर यह काम दोबारा शुरू हो गया है। इस संबंध में शिकायत के बाद भी वाणिज्य अफसर उदासीन बने हुए हैं।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म व ट्रेनों पर किसी भी ज्वलनशील वस्तु का चढ़ाना वर्जित है। ट्रेनों के पेंट्रीकार में भी जो सिलेंडर व खाद्य सामग्री चढ़ाई जाती हैं, उसकी व्यवस्था प्रारंभिक स्टेशन से ही करनी पड़ती है। मगर इस नियम का झांसी स्टेशन पर खुलेआम मखौल उड़ाया जा रहा है। सुरक्षा को ताक पर रखकर खासकर गोरखपुर से आने वाली ट्रेनों में सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है।
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इतना ही नहीं मानक को दरकिनार कर कच्ची खाद्य सामग्री भी ट्रेनों में चढ़ाई जा रही है। यह कारोबार आरक्षण कार्यालय के बगल से प्लेटफार्म की तरफ जाने वाले बाले गेट से धड़ल्ले से होता है। जबकि इस गेट की चाबी रेलवे कर्मचारियों के पास रहती है। पिछले दिनों आरपीएफ के एक जवान से विवाद होने पर काम बंद करवा दिया गया था, मगर यह काम दोबारा शुरू हो गया है। इस संबंध में शिकायत के बाद भी वाणिज्य अफसर उदासीन बने हुए हैं।
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