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रेलवे कर्मचारी को अफसर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना पड़ा महंगा, नौकरी से निकाला

Mon, 14 Dec 2020 01:56 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 01:56 AM IST
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railway karamchari par laga corruption ka aarop
झांसी। रेलवे वैगन मरम्मत कारखाने के एक अफसर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना एक इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया। अफसर ने उसके खिलाफ जांच बिठा दी। खुद ही जांच अधिकारी बन गए और अपने ऊपर लगे आरोपों को खुद ही गलत ठहराते हुए इंस्पेक्टर की सेवाएं समाप्त (नौकरी से निकालना) कर दीं। ऑल इंडिया एससी एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन अब अफसर के उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद हो गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारी 14 दिसंबर को अफसर के खिलाफ धरना- प्रदर्शन व पुतला फूंकेंगे।
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वैगन मरम्मत कारखाने के सीनियर वेलफेयर इंस्पेक्टर भगवान दास अहिरवार ने एक अफसर पर कुछ महीने पहले ़भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने मुख्यालय तक के अधिकारियों से शिकायत की थी। चूंकि, मामला अफसर से जुड़ा था, इसलिए सब शांत बने रहे। दूसरा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं थे। इधर, संबंधित अफसर इंस्पेक्टर से खफा हो गए। दूसरे अधिकारियों ने इंस्पेक्टर से लिखित माफी मांगने को कहा, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुए। इस पर अफसर ने इंस्पेक्टर के खिलाफ झूठे आरोप लगाने की जांच बैठा दी। अफसर ने खुद ही अपने हाथों में जांच ले ली। जांच में इंस्पेक्टर को दोषी ठहराते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। ये मामला कारखाने में चर्चा में बना हुआ है। वहीं, इस मामले को लेकर ऑल इंडिया एससी एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन के सदस्य 14 दिसंबर को वैगन कारखाने के द्वार पर अफसर की कर्मचारी विरोधी कार्य प्रणाली के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक धरना व पुतला फूंका जाएगा। एसोसिएशन के मंडल सचिव महेश कुमार मुठेले ने बताया कि इंस्पेक्टर को न्याय दिलाने के बाद ही आंदोलन खत्म होगा।
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इसी साल एपीओ बना था पीड़ित कर्मचारी
वैगन मरम्मत कारखाने के जिस इंस्पेक्टर की सेवाएं समाप्त की गई हैं, उन्होंने विभागीय परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली है। इस परीक्षा पास करने के बाद वह सहायक कार्मिक अधिकारी बन गए, लेकिन सेवाएं समाप्त होने से वह इस पद से भी वंचित हो गए हैं। अभी उन्होंने इस पद पर ज्वाइनिंग नहीं ली थी।
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वेलफेयर इंस्पेक्टर की कई लेनदेन की शिकायतें मिलीं थीं, जो जांच में सही पाई र्गइं। बेईमान कर्मचारी को नौकरी से निकाला है। मुझ पर जो आरोप लगाए थे, उनमें कोई प्रमाण नहीं था। ऑल इंडिया एससी एसटी इंप्लाइज एसोसिएशन जैसा जिम्मेदार संगठन उनको दलित विरोधी ठहरा रहा है, जो गलत है। उन्होंने वार्ता के लिए कहा था, लेकिन वार्ता का कोई आधार ही नहीं है। एसोसिएशन के धरना- प्रदर्शन के दौरान कार्मिक विभाग के सभी कर्मचारी उनके समर्थन में काली पट्टी बांधकर खड़े होंगे।
पीएस बिष्ट, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी, वैगन मरम्मत कारखाना।
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