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कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा रेलवे कारखाना
ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 01:17 AM IST
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झांसी। रेलवे बोर्ड वैगन मरम्मत कारखाने का हर वर्ष लक्ष्य बढ़ाता जा रहा है। कारखाने में पांच हजार कर्मचारी कार्यरत हैं और हर साल दो सौ से ढाई सौ कर्मी रिटायर्ड हो जाते हैं। कार्य के हिसाब से करीब चार सौ कर्मचारियों की कमी है।
उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में 25 नवंबर 1895 को स्थापित इस रेलवे वैगन मरम्मत कारखाने में वैगन मरम्मत के लिए वेल्डिंग, पेंटिंग, एसएसई यार्ड, एसएसई रीहेब, बीडब्लूआर, पावर हाउस, मिड नाइट, धातुशाला, व्हील, मशीन, आर बी फर्स्ट, सेकेंड, थर्ड, एयर ब्रेक लैब, टूल रूम समेत बाइस शॉप हैं।
वर्तमान में इन शापों में तकरीबन पांच हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। मरम्मत के लिए देश भर से यहां वैगन भेजे जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2015- 16 में 660 वैगन प्रतिमाह वैगनों की मरम्मत का लक्ष्य दिया गया है। पिछले साल 110 करोड़ की लागत से वर्कशाप आधुनिकीकरण का काम भी पूरा हो चुका है।
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कारखाने में हर साल लक्ष्य बढ़ता जा रहा है। मगर, कर्मचारियों की कमी चिंता का विषय बना हुआ है। वर्तमान में चार सौ से अधिक कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। दरअसल, हर साल दो सौ से ढाई सौ कर्मी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, जबकि उतनी संख्या में कारखाने को कर्मी नहीं मिल पा रहे हैं।
रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में वैगन मरम्मत का लक्ष्य 660 वैगन का दिया है। मगर वित्तीय सत्र के गुजरे नौ माह में 636 वैगन मरम्मत का औसत की निकल कर आया है। इस संबंध में मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल्य सिन्हा ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड से लगातार कर्मचारियों की मांग की जारही है, मगर मांग के अनुरूप कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं।
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उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में 25 नवंबर 1895 को स्थापित इस रेलवे वैगन मरम्मत कारखाने में वैगन मरम्मत के लिए वेल्डिंग, पेंटिंग, एसएसई यार्ड, एसएसई रीहेब, बीडब्लूआर, पावर हाउस, मिड नाइट, धातुशाला, व्हील, मशीन, आर बी फर्स्ट, सेकेंड, थर्ड, एयर ब्रेक लैब, टूल रूम समेत बाइस शॉप हैं।
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वर्तमान में इन शापों में तकरीबन पांच हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। मरम्मत के लिए देश भर से यहां वैगन भेजे जाते हैं। वित्तीय वर्ष 2015- 16 में 660 वैगन प्रतिमाह वैगनों की मरम्मत का लक्ष्य दिया गया है। पिछले साल 110 करोड़ की लागत से वर्कशाप आधुनिकीकरण का काम भी पूरा हो चुका है।
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कारखाने में हर साल लक्ष्य बढ़ता जा रहा है। मगर, कर्मचारियों की कमी चिंता का विषय बना हुआ है। वर्तमान में चार सौ से अधिक कर्मचारियों के पद खाली चल रहे हैं। दरअसल, हर साल दो सौ से ढाई सौ कर्मी सेवानिवृत्त होते जा रहे हैं, जबकि उतनी संख्या में कारखाने को कर्मी नहीं मिल पा रहे हैं।
रेलवे बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2015-16 में वैगन मरम्मत का लक्ष्य 660 वैगन का दिया है। मगर वित्तीय सत्र के गुजरे नौ माह में 636 वैगन मरम्मत का औसत की निकल कर आया है। इस संबंध में मुख्य कारखाना प्रबंधक अतुल्य सिन्हा ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड से लगातार कर्मचारियों की मांग की जारही है, मगर मांग के अनुरूप कर्मचारी नहीं मिल पा रहे हैं।