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बातें ज्यादा, काम कम कर रहे हैं नए टिकट चेकिंग कर्मी
ब्यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2015 12:52 AM IST
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झांसी। झांसी रेलवे स्टेशन पर अभी दो दर्जन से अधिक नए टिकट चेकिंग कर्मियों की नियुक्ति हुई है, मगर इन कर्मचारियों का ध्यान चेकिंग पर कम मोबाइल पर बातों में ज्यादा गुजरता है।
झांसी स्टेशन से प्रतिदिन गुजरने वाली दो सौ से अधिक सवारी गाड़ियों में अधिकांश का टिकट चेकिंग स्टाफ यहां से बदलता है। झांसी के अलावा मंडल के ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, ललितपुर, दतिया, उरई, मानिकपुर, बांदा, मऊरानीपुर समेत सभी प्रमुख स्टेशनों को मिलाकर वर्तमान में दो हजार टिकट चेकिंग कर्मियों की आवश्यकता है, जबकि वर्षों पुराने स्वीकृत पदों की संख्या 972 ही है।
इस पर भी उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या 720 है। यही कारण है कि ट्रेनों में जहां पांच से छह टिकट चेकिंग कर्मियों का स्टाफ चलना चाहिए, दो या तीन कर्मी से काम चलाया जा रहा है। हाल में ही रेलवे भर्ती बोर्ड से 64 नए टिकट चेकिंग कर्मी मंडल को उपलब्ध कराए थे।
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इनमें 29 कर्मियों की तैनाती झांसी स्टेशन, 20 ग्वालियर व 15 बांदा में की गई है। नए कर्मचारियों के आने पर लगता था कि झांसी स्टेशन पर बिना टिकट यात्रियों की संख्या घटेगी। मगर नए चेकिंग कर्मचारियों द्वारा मोबाइल व आपस में अधिक बातें करने पर ध्यान देने के कारण बिना टिकट यात्रियों पर लगाम नहीं कस पा रही हैं।
यही कारण है कि जब भी स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है तो सैकड़ों की संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल पूछताछ कार्यालय में आए नए कर्मचारियों का बना हुआ है।
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झांसी स्टेशन से प्रतिदिन गुजरने वाली दो सौ से अधिक सवारी गाड़ियों में अधिकांश का टिकट चेकिंग स्टाफ यहां से बदलता है। झांसी के अलावा मंडल के ग्वालियर, मुरैना, धौलपुर, ललितपुर, दतिया, उरई, मानिकपुर, बांदा, मऊरानीपुर समेत सभी प्रमुख स्टेशनों को मिलाकर वर्तमान में दो हजार टिकट चेकिंग कर्मियों की आवश्यकता है, जबकि वर्षों पुराने स्वीकृत पदों की संख्या 972 ही है।
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इस पर भी उपलब्ध कर्मचारियों की संख्या 720 है। यही कारण है कि ट्रेनों में जहां पांच से छह टिकट चेकिंग कर्मियों का स्टाफ चलना चाहिए, दो या तीन कर्मी से काम चलाया जा रहा है। हाल में ही रेलवे भर्ती बोर्ड से 64 नए टिकट चेकिंग कर्मी मंडल को उपलब्ध कराए थे।
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इनमें 29 कर्मियों की तैनाती झांसी स्टेशन, 20 ग्वालियर व 15 बांदा में की गई है। नए कर्मचारियों के आने पर लगता था कि झांसी स्टेशन पर बिना टिकट यात्रियों की संख्या घटेगी। मगर नए चेकिंग कर्मचारियों द्वारा मोबाइल व आपस में अधिक बातें करने पर ध्यान देने के कारण बिना टिकट यात्रियों पर लगाम नहीं कस पा रही हैं।
यही कारण है कि जब भी स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है तो सैकड़ों की संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल पूछताछ कार्यालय में आए नए कर्मचारियों का बना हुआ है।