फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   railway did track maintainence work during lockdown

लॉकडाउन में रेलवे ने मजबूत किया ट्रैक

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 06 May 2020 08:20 PM IST
विज्ञापन
railway did track maintainence work during lockdown
लॉकडाउन में ट्रेनों के पहिये जरूर थमे चल रहे हैं, लेकिन रेलवे इस वक्त का सदुपयोग बखूबी कर रहा है। रेलवे ने बिना ब्लाक लिए ही पिछले एक महीने में मंडल में 770 किलोमीटर पटरियों की जांच और 107 किलोमीटर में गिट्टियों की सफाई का काम पूरा कर लिया है। अब जब भी ट्रेनें चलेंगी रेलवे को गाड़ियां रोककर मेंटेनेंस काम नहीं करना होगा। रेलवे ट्रैक गिट्टियों की मजबूती पर ही टिका होता है। लगातार ट्रैक पर ट्रेनों के दौड़ने से कुछ गिट्टियां महीन होकर पिस जाती हैं तो कुछ छोटी हो जाती हैं। साथ ही मिट्टी भी भर जाती हैं। इससे पटरियां कमजोर न हो जाएं इस बात का ध्यान रखकर हर दस साल में रेलवे को गिट्टियों की सफाई करवानी पड़ती है। यह काम एक से दो घंटे का ब्लाक (ट्रेनों रोककर) लेकर कई दिनों तक करना पड़ता है। जिस दिन ब्लाक नहीं मिलता है उस दिन काम बंद रखना पड़ता है। मगर लॉकडाउन में रेलवे ने अभी तक बिना कोई गाड़ी रोके मंडल में 107.85 किमी के ट्रैक पर गिट्टियों की सफाई का काम ब्लास्ट क्लीनिंग मशीन द्वारा पूरा कर लिया है। साथ ही ट्रैक के संरक्षा को ध्यान में रखते हुए अल्ट्रासोनिक फ्ला डिटेक्शन तकनीक द्वारा पटरियों की जांच की जा रही है। अब तक 770.52 किमी ट्रैक की जांच की जा चुकी है। मंडल में 103 ब्रिज का नियमित तकनीकी परीक्षण किया जा चुका है। इसके अलावा मंडल में रेल पटरियों को अधिक टिकाऊ बनाने के लिए पटरियों के नीचे गिट्टी को पैक (या टैंप) करने के लिए 346.35 किलोमीटर के ट्रैक की तथा 179 किलोमीटर टर्नआउट की टैम्पिंग (पटरियों की क्लिपों की देखरेख) की जा चुकी है । जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने इन कार्यों की पुष्टि की।   ऐसे काम करती है मशीन सफाई के दौरान एक मशीन ट्रैक के नीचे की गिट्टी निकालकर उसमें से पिसी और छोटी गिट्टी तथा गंदगी को निकालने का काम करती है। मशीन से गंदगी को पटरियों से दूर उड़ाया जाता है। दूसरी मशीन दोबारा गिट्टी को पटरी के नीचे बिछाने (पैकिंग) का काम करती है। एक हजार किलोमीटर पटरियां रेल मंडल की पटरियां झांसी से धौलपुर, झांसी से आगासौद, झांसी से मानिकपुर, बांदा से भीमसेन, महोबा से खजुराहो, ललितपुर से खजुराहो, झांसी से भीमसेन स्टेशनों के बीच फैली हैं। पटरियों का एक हजार किलोमीटर से अधिक का जाल है। प्रतिदिन यहां 200 से अधिक सवारी और मालगाड़ियां गुजरती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed