फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   raghu nath rao mahal

तिल तिल कर टूट रहा सदियों का इतिहास

Thu, 12 May 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 12 May 2016 01:03 AM IST
विज्ञापन
raghu nath rao mahal
raghu nath rao mahal, jhansi hindi news - फोटो : amar ujala
झांसी। सरकारी संरक्षण के बाद भी महानगर कीपुरातत्वीय धरोहरें कचरा घरों में तब्दील हो रहीं हैं। महानगर का करीब तीन सौ वर्ष पुराना ऐतिहासिक रघुनाथ राव महल कभी रास रंग का केंद्र हुआ करता था, पर आज जर्जर हाल होकर कूड़ाघर बन गया है। अफसर हैं कि गहरी नींद में सोए हुए हैं।
विज्ञापन


इस प्राचीन महल के अंदर एक विशाल नाट्य शाला हुआ करती थी, समुचित संरक्षण के अभाव में जर्जर हाल होकर अब यह कूड़ाघर बन गई है। आसपास के लोग अपने घरों से निकलने वाली गंदगी इसमें डालने लगे हैं।
विज्ञापन


राज्य के पुरातत्व विभाग ने यहां एक साइन बोर्ड गाड़कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है। सूचना बोर्ड में रघुनाथ महल के पुरातत्वीय स्वरूप एवं उसकी वास्तुकला का महत्व अंकित है, लेकिन उसकी सुरक्षा एवं साफ सफाई के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मेहंदी बाग से सटे रघुनाथ महल में कभी महफिलों के बीच संगीत के  सुर गूंजते थे, आज यह बेहद जीर्णशीर्ण हालत में हैं। वर्ष 2002 में सरकारी संरक्षण में आने के बाद उम्मीद जागी थी कि इस महल क ी हालत सुधरेगी, लेकिन हकीकत के धरातल पर कुछ भी नहीं हुआ। महल क ी सुरक्षा एवं साफ सफाई के लिए पुरातत्व विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।


महल व नाट्यशाला की कई दीवारें धराशायी होने के कगार पर हैं। बीते वित्तीय वर्ष में राज्य के पुरातत्व विभाग द्वारा महल के सौंदर्यीकरण एवं सुरक्षा के लिए 41 हजार रुपये की लागत से तार फेसिंग करवा कर सूचना बोर्ड लगाए थे। इसके बाद पलटकर कोई उसका हाल देखने नहीं आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed