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पुष्य नक्षत्र में बदलेगा नया साल, व्यापार बढे़गा
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झांसी। वर्ष 2021 का प्रारंभ पुष्य नक्षत्र में होगा। जिसे नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और बहुत शुभ रहता है। पूर्ण संभावना है, कि वर्ष 2020 में कई परेशानियों से जूझ रहे लोगों को इस नक्षत्र के प्रभाव से नए साल में काफी राहत मिलेगी और व्यापार तथा लोगों की आय के स्रोतों में बढ़ोत्तरी होगी।
कोविड - 19 के कारण वर्ष 2020 विश्व के लगभग प्रत्येक व्यक्ति के लिए भारी पड़ा है। लगभग सभी क्षेत्रों में भारी उथल पुथल रही, जिसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है। अब सभी को नए साल से काफी उम्मीद है। धार्मिक एवं ज्योतिषविदें के अनुसार भारत के अधिकांश हिस्से में नया साल चैत्र शुक्ल पक्ष से शुरू होता है। हालांकि वर्तमान में लगभग सभी देशों में नया साल एक जनवरी से मनाया जाता है। भारत में भी इस नए साल को लेकर उत्साह रहता है। महंत विष्णु दत्त स्वामी एवं ज्योतिषविद डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार वर्ष 2021 का शुभारंभ पुष्य नक्षत्र में होगा। भारत में भी आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और व्यापार में तरक्की होगी। नया साल पूरी दुनिया में खुशहाली लाएगा।
नए वर्ष के 27 दिनों पर रहेगा पुष्य नक्षत्र का प्रभाव
पुष्य सहित कई अन्य नक्षत्रों का प्रभाव लगभग 24 घंटे रहता है। यही, वजह है कि हर बार की तरह तिथियों के घट - बढ़ने के कारण पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। ऐसे में वर्ष 2021 के 28 दिन पुष्य नक्षत्र वाले रहेंगे। ज्योतिषविद् डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार 31 दिसंबर की रात 8 बजे से लेकर एक जनवरी की रात 8 बजे तक यह पुष्य नक्षत्र रहेगा। इसके बाद यह 27 जनवरी को मध्य रात्रि तीन बजे से 28 जनवरी को संपूर्ण दिवस रहेगा। 24 फरवरी को यह दोपहर एक बजे से 25 फरवरी को दोपहर एक बजे तक रहेगा। मार्च में 23 और 24 को, अप्रैल में 19 व 20 को, मई में 17 और 18 को, जून में 13 और 14 को, जुलाई में 10 और 11 को, अगस्त में 7 और आठ को, सितंबर में तीन और चार तथा सितंबर में ही 30 और एक अक्तूबर को, अक्तूबर में ही 28 और 29 को, नवंबर में 24 और 25 को तथा दिसंबर में 21 व 22 को पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उनके अनुसार इस नक्षत्र में किए गए कार्यों का फल बहुत उत्तम रहता है। खरीदारी भी शुभ रहती है।
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इन तिथियों में रहेंगे गुरु व रवि पुष्य योग
रवि पुष्य योग और गुरु पुष्य योग का अहम महत्व है। विद्वानों के अनुसार नए साल मेें 28 जनवरी को गुरु पुष्य योग, 25 फरवरी को गुरु पुष्य योग, 13 जून को रवि पुष्य योग, 11 जुलाई को रवि पुष्य, आठ अगस्त को रवि पुष्य योग, 30 सितंबर को गुरु पुष्य योग, 28 अक्तूबर को गुरु पुष्य, 25 नवंबर को गुरु पुष्य योग रहेगा। यह दोनों योग बेहद शुभ रहते हैं।
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कोविड - 19 के कारण वर्ष 2020 विश्व के लगभग प्रत्येक व्यक्ति के लिए भारी पड़ा है। लगभग सभी क्षेत्रों में भारी उथल पुथल रही, जिसका प्रभाव अभी भी बना हुआ है। अब सभी को नए साल से काफी उम्मीद है। धार्मिक एवं ज्योतिषविदें के अनुसार भारत के अधिकांश हिस्से में नया साल चैत्र शुक्ल पक्ष से शुरू होता है। हालांकि वर्तमान में लगभग सभी देशों में नया साल एक जनवरी से मनाया जाता है। भारत में भी इस नए साल को लेकर उत्साह रहता है। महंत विष्णु दत्त स्वामी एवं ज्योतिषविद डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार वर्ष 2021 का शुभारंभ पुष्य नक्षत्र में होगा। भारत में भी आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और व्यापार में तरक्की होगी। नया साल पूरी दुनिया में खुशहाली लाएगा।
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नए वर्ष के 27 दिनों पर रहेगा पुष्य नक्षत्र का प्रभाव
पुष्य सहित कई अन्य नक्षत्रों का प्रभाव लगभग 24 घंटे रहता है। यही, वजह है कि हर बार की तरह तिथियों के घट - बढ़ने के कारण पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। ऐसे में वर्ष 2021 के 28 दिन पुष्य नक्षत्र वाले रहेंगे। ज्योतिषविद् डॉ. नाथूराम पांडेय के अनुसार 31 दिसंबर की रात 8 बजे से लेकर एक जनवरी की रात 8 बजे तक यह पुष्य नक्षत्र रहेगा। इसके बाद यह 27 जनवरी को मध्य रात्रि तीन बजे से 28 जनवरी को संपूर्ण दिवस रहेगा। 24 फरवरी को यह दोपहर एक बजे से 25 फरवरी को दोपहर एक बजे तक रहेगा। मार्च में 23 और 24 को, अप्रैल में 19 व 20 को, मई में 17 और 18 को, जून में 13 और 14 को, जुलाई में 10 और 11 को, अगस्त में 7 और आठ को, सितंबर में तीन और चार तथा सितंबर में ही 30 और एक अक्तूबर को, अक्तूबर में ही 28 और 29 को, नवंबर में 24 और 25 को तथा दिसंबर में 21 व 22 को पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उनके अनुसार इस नक्षत्र में किए गए कार्यों का फल बहुत उत्तम रहता है। खरीदारी भी शुभ रहती है।
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इन तिथियों में रहेंगे गुरु व रवि पुष्य योग
रवि पुष्य योग और गुरु पुष्य योग का अहम महत्व है। विद्वानों के अनुसार नए साल मेें 28 जनवरी को गुरु पुष्य योग, 25 फरवरी को गुरु पुष्य योग, 13 जून को रवि पुष्य योग, 11 जुलाई को रवि पुष्य, आठ अगस्त को रवि पुष्य योग, 30 सितंबर को गुरु पुष्य योग, 28 अक्तूबर को गुरु पुष्य, 25 नवंबर को गुरु पुष्य योग रहेगा। यह दोनों योग बेहद शुभ रहते हैं।