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पर्युषण पर्व के समापन की तैयारी, आराधना जारी
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पर्युषण पर्व पर नगरा जैन मंदिर में प्रवचन देते मुनि आदित्य सागर
- फोटो : REPORTERS
झांसी। पर्युषण पर्व के दौरान महानगर में श्रद्धालु भक्ति सागर में गोते लगा रहे हैं। जैसे-जैसे पर्व समापन की ओर बढ़ रहा है, धर्म आराधना बढ़ती जा रही है। घर पर श्रावक-श्राविकाएं व्रत, नियम और संयम का पालन कर कर्म निर्जरा कर रहे हैं। रविवार को पर्व के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की आराधना की गई। इस मौके पर श्रावक-श्राविकाओं ने संसार से मुक्ति पाने की प्रार्थना की।
नगरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनि आदित्य सागर महाराज ने कहा कि त्याग परद्रव्यों में होने वाले राग और द्वेष का होता है। त्याग वह है जहां परिग्रह का त्याग किया जाता है। दान चार प्रकार के होते हैं, औषधि, शास्त्र, अभय और आहार दान। इस मौके पर करगुवां जी जैन तीर्थ पर शांतिधारा का आयोजन किया गया। जिसके भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन किए। इस मौके पर भैया सुनील जैन शास्त्री और राहुल जैन शास्त्री ने उत्तम त्याग धर्म के बारे में बताया। इस मौके पर विवेक जैन, विनम्र जैन, प्रमिला जैन, आशीष जैन, आयुष जैन मौजूद रहे।
आज करेंगे उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा
पर्युषणपर्व के दौरान नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा की जाएगी। इस मौके पर श्रावक-श्राविकाएं परिग्रह त्याग का संकल्प लेंगे।
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नगरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनि आदित्य सागर महाराज ने कहा कि त्याग परद्रव्यों में होने वाले राग और द्वेष का होता है। त्याग वह है जहां परिग्रह का त्याग किया जाता है। दान चार प्रकार के होते हैं, औषधि, शास्त्र, अभय और आहार दान। इस मौके पर करगुवां जी जैन तीर्थ पर शांतिधारा का आयोजन किया गया। जिसके भक्तों ने ऑनलाइन दर्शन किए। इस मौके पर भैया सुनील जैन शास्त्री और राहुल जैन शास्त्री ने उत्तम त्याग धर्म के बारे में बताया। इस मौके पर विवेक जैन, विनम्र जैन, प्रमिला जैन, आशीष जैन, आयुष जैन मौजूद रहे।
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आज करेंगे उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा
पर्युषणपर्व के दौरान नौवें दिन उत्तम आकिंचन धर्म की पूजा की जाएगी। इस मौके पर श्रावक-श्राविकाएं परिग्रह त्याग का संकल्प लेंगे।