फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   projects incomplete in jhansi

अधिकारियों की लापरवाही से मंद हुआ विकास....अब तो कुछ कीजिए सरकार

Thu, 05 Dec 2019 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2019 01:12 AM IST
विज्ञापन
projects incomplete in jhansi
भोजला मंडी। अमर उजाला
झांसी। अफसरों की लापरवाही से झांसी में विकास मंद हो गया है। पैरवी न होने के कारण कई प्रोजेक्ट फंस गए हैं। स्थिति यह है कि कभी शुरू भी हो जाएंगे या नहीं कोई नहीं जानता। अफसरों ने विकास को लेकर बातें तो बड़ी बड़ी कीं लेकिन हकीकत शून्य रही। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी में आ रहे हैं तो लोगों को एक उम्मीद जगी है कि शायद रेंगने वाले विकास को थोड़ी बहुत रफ्तार मिल सके। फंसे हुए प्रोजेक्ट की फाइलें दौड़ने लगें।
विज्ञापन

फाइलों में दबा है ग्वालियर मार्ग ओवरब्रिज
लगातार ट्रेनों की आवाजाही की वजह से ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग चौबीस में से ग्यारह घंटे से अधिक समय तक बंद रहती है, जिससे क्रॉसिंग के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं। क्रॉसिंग खुलने पर गाड़ियों की रेलमपेल की वजह से जाम की स्थिति पैदा होती है। इससे वाहन चालकों का समय व ईंधन दोनों जाया होता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए यहां लंबे समय से ओवरब्रिज बनाने की मांग की जा रही है। दो साल पहले उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। लेकिन, तब से ये प्रस्ताव शासन के गलियारों में ही चक्कर काट रहा है। शासन स्तर पर इसे हरी झंडी का इंतजार है।
विज्ञापन

हवा में ही रह गया हवाई अड्डा
बुंदेलखंड में पर्यटन व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए झांसी में हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की गई थी। दो साल पहले तत्कालीन स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सौ दिन में इसका काम शुरू होने की घोषणा की थी। इसके बाद तेजी देखने को मिली थी। हवाई अड्डे के लिए पहले सदर तहसील के ग्राम सफा - चमरौआ में दो सौ एकड़ भूमि चिह्नित की गई थी। लेकिन, बाद में तय हुआ था कि ग्वालियर रोड पर स्थित सेना की हवाई पट्टी को विस्तार देकर यहां हवाई अड्डा विकसित किया जाएगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीम ने मौका मुआयना भी किया था। लेकिन, इसके बाद से विकास की ये परियोजना हवा में ही तैरती रह गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

न बस स्टैंड बना और न ट्रांसपोर्ट नगर
कानपुर रोड पर मंडी के पास बस स्टैंड होने की वजह से इस सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा बस स्टैंड पर जगह कम होने की वजह से यात्री सुविधाएं भी विकसित नहीं हो पा रही हैं। तीन वर्ष पूर्व नये बस स्टैंड के निर्माण के लिए कोछाभांवर में जमीन चिह्नित की गई थी। ये जमीन नगर निगम की थी। लेकिन, ये योजना भी परवान नहीं चढ़ पाई। यही हाल ट्रांसपोर्ट नगर का भी है। अलग से कोई ट्रांसपोर्ट नगर न होने की वजह से ट्रक सड़कों के किनारे खड़े रहते हैं। इससे यातायात तो प्रभावित होता ही है, साथ ही दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती है। नगर निगम ने करारी में जमीन भी चिह्नित की थी। लेकिन, इस जमीन पर ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बन सका।
फल और सब्जी मंडी को भोजला जाने का इंतजार
बुंदेलखंड विशेष पैकेज के तहत बालाजी रोड पर सौ एकड़ के विस्तृत क्षेत्रफल में पांच करोड़ से अधिक लागत से बनी नई मंडी में पुरानी गल्ला मंडी तो स्थानांतरित कर दी गई है, परंतु फल और सब्जी मंडी शिफ्ट नहीं हो पाई है। जबकि, इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। लेकिन, अब तक शासन की सहमति नहीं मिल पाई है। फल और सब्जी मंडी शिफ्ट न होने की वजह से बस स्टैंड से आगे जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके अलावा यहां माल लेकर आने वाले किसानों और कारोबारियों को सुविधाएं भी नहीं मिल पाती हैं। इसका कारोबार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

छुट्टा पशुओं को नहीं मिल पाया आश्रय
महानगर की संकरी गलियां हों या मुख्य मार्ग, सभी जगह छुट्टा पशु नजर आते हैं। जबकि, छुट्टा पशुओं के कारण हुईं दुर्घटनाओं में कई लोग जान गवां चुके हैं। छोटी - मोटी दुर्घटनाएं तो आए दिन सामने आती रहती हैं। बावजूद, छुट्टा पशुओं को रखने का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। जिले में प्रशासन की ओर से 90 अस्थायी और पांच स्थायी गो आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 12,250 पशुओं को रखा गया है। लेकिन, सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही यहां छुट्टा पशुओं की संख्या पच्चीस हजार से अधिक है। जबकि, सरकारी सरकारी आंकड़ों से इतर छुट्टा गो वंश जिले में एक लाख से अधिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed