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42 दिन से झांसी में फंसे, अब घर जाने दो हुजूर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2020 07:06 PM IST
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problem for e pass during lockdown
लॉकडाउन ने लोगों को जहां-तहां लॉक कर दिया है। कोरोना संक्रमण के चलते  लॉकडाउन से पहले झांसी आए लोग अपने घर जाने के लिए परेशान हैं। वहीं झांसी  से बाहर गए लोग वापस आने के लिए तरस रहे हैं। सरकार ने आवश्यक स्थिति के  लिए पास की व्यवस्था की है, लेकिन लोगों को पास मुहैया नहीं हो पा रहे हैं।  पास बनवाने के लिए एडीएम कार्यालय पर ऐसे लोग अधिकतर पहुंच रहे हैं, जो  बाहरी जिलों या प्रदेश से आकर झांसी फंस गए हैं। सरकार ने लॉकडाउन के दौरान आवश्यक या आपात स्थिति में जाने के लिए ई-पास की  सुविधा मुहैया कराई है। इस पर इलाज और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आवेदन कर  पास बन रहे हैं। झांसी में लॉकडाउन से पहले तमाम लोग अपने रिश्तेदारों और  अन्य कामों से आए थे। अचानक लॉकडाउन होने से वह यहां फंस गए। 40 दिन तो  लोगों ने रिश्तेदारों के यहां बिता लिए, लेकिन जैसे ही सरकार ने लॉकडाउन  तीन में छूट दी तो लोगों में उम्मीद जग गई है। शहर के कलक्ट्रेट स्थित  एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय पर रोज सैकड़ों लोग अपने प्रार्थना पत्र  लेकर पहुंच रहे हैं। किसी को इलाज के लिए ग्वालियर जाना है, तो कोई दिल्ली  जाना चाहता है। प्रशासन ने अब तक ढाई हजार आवेदनों के सापेक्ष 300 लोगों को  पास जारी कर दिए हैं। इनको मिल रहे पास प्रशासनिक  अधिकारियों की मानें तो पास उनको जारी किए जा रहे हैं, जो बाहरी  जिलों या प्रदेशों में जाना चाहते हैं। जिनको मेडिकल इमरजेंसी है। साथ ही  सभी की स्क्रीनिंग के बाद पास जारी हो रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व राम  अक्षयवर चौहान ने बताया कि पास उनको जारी नहीं हो रहे हैं, जो बाहर से  अपनों को लाना चाहते हैं। अन्य जिलों में निजी वाहन से जाने वाले लोग पास  ले सकते हैं, लेकिन गाड़ी की वापसी का पास नहीं बनेगा। लॉकडाउन से पहले परिवार के साथ मायके आई थी। लेकिन अब यहीं फंस गए हैं।  नोएडा जाना है, लेकिन पास नहीं बन रहा है। नोएडा में इलाज चल रहा है, दवाएं  भी खत्म हो गई हैं। गरिमा पति बीमार हैं। इलाज के लिए भोपाल लेकर जाना है। पास के लिए आवेदन किया है,  लेकिन अब तक मिला नहीं है। दिक्कत बढ़ रही है। सरकार को समाधान कराना चाहिए। हेमलता झा पत्नी का ग्वालियर में इलाज चल रहा है। डॉक्टर ने बुलाया है। इसके लिए पास  बनवाने आया हूं, लेकिन पास नहीं बन पा रहा है। इलाज के लिए जाना बेहद जरूरी है। रामस्वरूप पाराशर परिवार के साथ लॉकडाउन से पहले दिल्ली से जालौन आया था। कुछ दिन बाद झांसी  आ गया। अब दिल्ली जाने के लिए पास बनवाना है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। खुशीराम
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