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जेल से ट्रांसफर होंगे बैरकों के डॉन
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prisonar transfred to jail
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झांसी के जिला कारागार की बैैरकों में डॉन बने सौ से अधिक कैदियों को दूसरी जेल भेजा जाएगा। जेल में रसूख रखने व गुटबाजी करने वाले ऐसे सौै कैदियों की सूची तैयार की गई है।
प्रदेश की जेलों में बंद शातिर बदमाशों द्वारा गैंग संचालित किए जा रहे हैं। इन बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया गया है। जिला कारागार में भी ऐसे सौ कैदी चिह्नित किए गए हैं, जो अपनी-अपनी बैैरकों में डॉन बने हुए हैं। हत्या, डकैती समेत बड़े अपराध में लिप्त इन ‘डॉन’ का हुक्म बैरकों में चलता है। ये गुटबाजी भी करते हैं। बैरकों के कैदी इनके हिसाब से ही चलते हैं। इन कैदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में भेजने का निर्णय लिया गया।
क्षमता से अधिक हैं कैदी
वर्तमान में जिला कारागार में 1250 कैदी हैं। क्षमता सिर्फ 450 कैदियों की है। क्षमता से ज्यादा कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा रहता है। ऐसे में कैदियों को दूसरी जेल भेजे जाने से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
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व्यवस्था ठीक रखने की बनी रहती चुनौती
क्षमता से ज्यादा बंदियों और कैदियों का बोझ ढो रही जिला जेल में संगीन धाराओं के कैदी भी बंद हैं। ऐसे में सीमित सुरक्षा संसाधनों के बीच इनकी सुरक्षा और निगरानी प्रशासन के लिए चुनौती भरा होता है। इन पर हर समय नजर बनाए रखनी पड़ती है।
बड़े अपराधों में लिप्त सौै कैदियों को दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सभी की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन कैदियों को दूसरी जेलों में भेज दिया जाएगा।
राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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प्रदेश की जेलों में बंद शातिर बदमाशों द्वारा गैंग संचालित किए जा रहे हैं। इन बदमाशों का नेटवर्क तोड़ने के लिए बड़े स्तर पर अभियान छेड़ दिया गया है। जिला कारागार में भी ऐसे सौ कैदी चिह्नित किए गए हैं, जो अपनी-अपनी बैैरकों में डॉन बने हुए हैं। हत्या, डकैती समेत बड़े अपराध में लिप्त इन ‘डॉन’ का हुक्म बैरकों में चलता है। ये गुटबाजी भी करते हैं। बैरकों के कैदी इनके हिसाब से ही चलते हैं। इन कैदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में भेजने का निर्णय लिया गया।
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क्षमता से अधिक हैं कैदी
वर्तमान में जिला कारागार में 1250 कैदी हैं। क्षमता सिर्फ 450 कैदियों की है। क्षमता से ज्यादा कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा रहता है। ऐसे में कैदियों को दूसरी जेल भेजे जाने से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
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व्यवस्था ठीक रखने की बनी रहती चुनौती
क्षमता से ज्यादा बंदियों और कैदियों का बोझ ढो रही जिला जेल में संगीन धाराओं के कैदी भी बंद हैं। ऐसे में सीमित सुरक्षा संसाधनों के बीच इनकी सुरक्षा और निगरानी प्रशासन के लिए चुनौती भरा होता है। इन पर हर समय नजर बनाए रखनी पड़ती है।
बड़े अपराधों में लिप्त सौै कैदियों को दूसरी जेलों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सभी की सूची तैयार कर ली गई है। जल्द ही इन कैदियों को दूसरी जेलों में भेज दिया जाएगा।
राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक