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प्रधान के पिता ने किया विकास भवन में हंगामा
ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2016 01:41 AM IST
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झांसी। विकास भवन का माहौल बुधवार की दोपहर ढाई बजे उस समय गरम हो गया, जब एक प्रधान के पिता ने वहां जमकर हंगामा किया। वह अफसरों द्वारा पुत्र को तलब करने से नाराज थे। हंगामा कर रहे प्रधान के पिता को विकास भवन कर्मियों ने पकड़ लिया। बाद में माफी मांगने पर उन्हें छोड़ दिया गया।
सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड से पलायन रोकने के लिए सरकार ने मनरेगा के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अफसरों से आए दिन मनरेगा की प्रगति की रिपोर्ट मांगी जाती है। मऊरानीपुर ब्लाक के एक गांव में मनरेगा के कार्यों की रफ्तार काफी कम होने पर सीडीओ ने वहां के प्रधान को वार्ता के लिए बुलाया था।
प्रधान इन दिनों व्यक्तिगत कार्य से जिले से बाहर हैं। ऐसे में उनके पिता को लगा कि पुत्र को अफसरों ने तलब किया है। इस पर वह नाराज हो गए और विकास भवन आकर हंगामा करने लगे। उनके मुंह से निकल रहे अपशब्दों को सुन विकास भवन के कर्मचारियों ने उन्हें दबोच लिया और पकड़ कर सीडीओ के पास ले गए।
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सीडीओ संजय कुमार ने पूरा मामला सुना और पुलिस को बुलाने की बात कही। पुलिस का नाम सुन प्रधान जी के पिता के हाथ पैर फूल गए और वह सीडीओ के पैरों में गिर कर माफी मांगने लगे। वृद्ध को अपने सामने झुका देख सीडीओ का मन पसीज गया और उन्होंने चेतावनी देकर छोड़ दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रधान जी को तीन दिन के अंदर उनके समझ प्रस्तुत करें।
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सूखे की मार झेल रहे बुंदेलखंड से पलायन रोकने के लिए सरकार ने मनरेगा के कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में अफसरों से आए दिन मनरेगा की प्रगति की रिपोर्ट मांगी जाती है। मऊरानीपुर ब्लाक के एक गांव में मनरेगा के कार्यों की रफ्तार काफी कम होने पर सीडीओ ने वहां के प्रधान को वार्ता के लिए बुलाया था।
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प्रधान इन दिनों व्यक्तिगत कार्य से जिले से बाहर हैं। ऐसे में उनके पिता को लगा कि पुत्र को अफसरों ने तलब किया है। इस पर वह नाराज हो गए और विकास भवन आकर हंगामा करने लगे। उनके मुंह से निकल रहे अपशब्दों को सुन विकास भवन के कर्मचारियों ने उन्हें दबोच लिया और पकड़ कर सीडीओ के पास ले गए।
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सीडीओ संजय कुमार ने पूरा मामला सुना और पुलिस को बुलाने की बात कही। पुलिस का नाम सुन प्रधान जी के पिता के हाथ पैर फूल गए और वह सीडीओ के पैरों में गिर कर माफी मांगने लगे। वृद्ध को अपने सामने झुका देख सीडीओ का मन पसीज गया और उन्होंने चेतावनी देकर छोड़ दिया। साथ ही निर्देश दिए कि प्रधान जी को तीन दिन के अंदर उनके समझ प्रस्तुत करें।