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कंपनी ने पहले फसल बीमा के नाम पर प्रीमियम वसूला,

Sat, 12 Jun 2021 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jun 2021 01:30 AM IST
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झांसी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियां जमकर मनमानी कर रही हैं। झांसी में ही करीब साढ़े बत्तीस हजार किसानों को मिलने वाले बीमा पर दो साल से फंसा पेंच नहीं सुलझ रहा है। किसानों ने बीमा कंपनी को तयशुदा प्रीमियम चुका दिया लेकिन, बैंक और बीमा कंपनी के विवाद में उलझे होने से किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। बीमा कंपनी मुआवजा के बजाए किसानों को उनका प्रीमियम ही वापस करने को राजी हुई है।
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फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना आरंभ की। इसमें केंद्र एवं राज्य सरकार की हिस्सेदारी के साथ किसानों को भी प्रीमियम देना होता है। खरीफ बीमा 2019 के लिए जनपद के 205160 किसानों ने बीमा कराया। उस दौरान भारी बारिश के चलते मूंगफली, उर्द, मूंग की फसल पूरी तबाह हो गई। किसानों के पास बीज निकालने लायक फसल भी नहीं बची। नेशनल इश्योरेंस कंपनी ने सत्यापन शुरू कराया। कंपनी ने पोर्टल के मुताबिक 1.30 लाख किसानों के दावे को सही पाया लेकिन, बड़ी संख्या में किसान क्षतिपूर्ति दायरे से बाहर रह गए। हंगामें के बाद जब जांच शुरू हुई तब मालूम चला कि 32727 किसानों का डाटा प्रीमियम काटने के बावजूद पीएम बीमा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इतनी बड़ी गड़बड़ी होने पर अफसरों में हड़कंप मच गया। बीमा कंपनी, बैंक एवं कृषि अफसर अपनी-अपनी गर्दन बचाने में जुट गए। इसके बाद बैंक एवं बीमा कंपनी के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया। बैंकोें को गड़बड़ी का जिम्मेदार ठहराते हुए किसानों के नुकसान की भरपाई के निर्देश दिए गए लेकिन, बैंकों ने कोई काम नहीं किया। उधर, बीमा कंपनी सिर्फ किसानों को प्रीमियम राशि ही चुकाने को राजी हुई है जबकि सही मायने में फसल को नुकसान होने के बाद किसान उसके मुआवजे के हकदार हैं। वहीं, प्रभारी उपनिदेशक केके सिंह का कहना है इस मामले को उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। किसानोें को राहत देने के लिए रास्ता निकाला जा रहा है।
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मुआवजे की पैरवी में ही खर्च हो गए हजारों
दो साल से फसल बीमा के लिए पैरवी कर रहे तमाम किसानों का हजारों रुपये खर्च हो गए लेकिन, उनको फसल की क्षतिपूर्ति नहीं मिली। मुआवजा का इंतजार कर रहे किसान अब हताश हो चुके हैं। मऊरानीपुर के मूंगफली किसान रामचरण अहिरवार, सुरेंद्र राजपूत, रमेश अहिरवार समेत कई किसानों का कहना है फसल क्षतिपूर्ति की लड़ाई में ही उन लोगों के हजारों रुपये फूंक चुके लेकिन, इसका कोई भी फायदा नहीं हुआ। अब हताश होकर किसान घर बैठ चुके हैं।
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एक नजर में आंकड़े
कुल बीमित किसान 205160
बीमित क्षेत्रफल 165516.04 हे.
बीमा कंपनी को मिली धनराशि 49.26 करोड़
लाभान्वित किसानों की संख्या 155026
इनसेट
बैंकवार किसानों की संख्या
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक- 1790
बैंक ऑफ इंडिया- 2
पंजाब नेशनल बैंक- 30823
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया- 112
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