{"_id":"58cc2f934f1c1b992132b3c6","slug":"post-mortem-of-dead-soldier-in-jhalan-in-jhansi","type":"story","status":"publish","title_hn":"जालौन में मृत सिपाही का झांसी में हुआ पोस्टमार्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जालौन में मृत सिपाही का झांसी में हुआ पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Mar 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
जालौन में मृत सिपाही का झांसी में हुआ पोस्टमार्टम
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालौन के आटा क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में मृत डायल 100 में तैनात सिपाही का पोस्टमार्टम परिजनों के विरोध के कारण जालौन की जगह झांसी में कराया गया। सिपाही की कानपुर से लौटते समय आटा थाना क्षेत्र में हाईवे स्थित मजार के पास जानवर को बचाने के प्रयास में कार पलटने से मौत हो गई थी।
सीपरी बाजार में नाथ की कोठी के पास रहने वाला सिपाही मनोज कुमार (36) डायल 100 में तैनात था। तीन दिन का अवकाश लेकर वह अपनी रिश्तेदारी में कानपुर गया था। वहां से बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे वह झांसी लौट रहा था। इसी दौरान आटा क्षेत्र में हाइवे स्थित मजार के पास अचानक कार के सामने जानवर आ गया। जिसे बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खंदक में पलट गई और कार चला रहा सिपाही मनोज कुमार कार के नीचे दब गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया। जहां डाक्टराें ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजन अस्पताल आए और शव को बिना पोस्टमार्टम कराए झांसी ले गए। परिजनाें का कहना था कि यहां पर समय लगता है, लिहाजा वह शव का पोस्टमार्टम झांसी में कराएंगे। शुक्रवार को झांसी में सिपाही का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पिता की भी हुई थी दुर्घटना में मौत
सिपाही मनोज कुमार के पिता परम सिंह भी पुलिस में थे। उनकी भी सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद मनोज कुमार की पुलिस विभाग में साल 2005 में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। मृतक सिपाही के परिवार में मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। मनोज कुमार की मृत्यु की सूचना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सीपरी बाजार में नाथ की कोठी के पास रहने वाला सिपाही मनोज कुमार (36) डायल 100 में तैनात था। तीन दिन का अवकाश लेकर वह अपनी रिश्तेदारी में कानपुर गया था। वहां से बृहस्पतिवार की रात करीब दस बजे वह झांसी लौट रहा था। इसी दौरान आटा क्षेत्र में हाइवे स्थित मजार के पास अचानक कार के सामने जानवर आ गया। जिसे बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खंदक में पलट गई और कार चला रहा सिपाही मनोज कुमार कार के नीचे दब गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया। जहां डाक्टराें ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर परिजन अस्पताल आए और शव को बिना पोस्टमार्टम कराए झांसी ले गए। परिजनाें का कहना था कि यहां पर समय लगता है, लिहाजा वह शव का पोस्टमार्टम झांसी में कराएंगे। शुक्रवार को झांसी में सिपाही का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
पिता की भी हुई थी दुर्घटना में मौत
सिपाही मनोज कुमार के पिता परम सिंह भी पुलिस में थे। उनकी भी सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद मनोज कुमार की पुलिस विभाग में साल 2005 में अनुकंपा नियुक्ति हुई थी। मृतक सिपाही के परिवार में मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। मनोज कुमार की मृत्यु की सूचना से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन