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बुरी नीयत से नाबालिग को पकड़ने पर चार साल की जेल
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झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अंजना की अदालत ने नाबालिग को बुरी नीयत से पकड़ने के आरोपी को चार साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने सात साल पुराने मामले में फैसला सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति ने गरौठा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि गरौठा कस्बे में रहने वाला शेख उर्फ शेर सिंह (24) छह मई 2015 को उसके घर घुस आया था। अंदर आकर उसने उसकी नाबालिग बेटी को पकड़ लिया था और खींचकर ले जाने लगा था। शोर मचाने पर जब बड़ी बेटी और पड़ोस की महिला आई तो शेख उर्फ शेर सिंह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया था।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त शेख उर्फ शेर सिंह को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाईं गईं।
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विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि एक व्यक्ति ने गरौठा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया था कि गरौठा कस्बे में रहने वाला शेख उर्फ शेर सिंह (24) छह मई 2015 को उसके घर घुस आया था। अंदर आकर उसने उसकी नाबालिग बेटी को पकड़ लिया था और खींचकर ले जाने लगा था। शोर मचाने पर जब बड़ी बेटी और पड़ोस की महिला आई तो शेख उर्फ शेर सिंह जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गया था।
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पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त शेख उर्फ शेर सिंह को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया, जिसकी अदायगी न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी सजा सुनाईं गईं।
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