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अब थैला लेकर चलने की डाल लें आदत
ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jan 2016 12:27 AM IST
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झांसी। बाजार जा रहे हों तो घर से अपने साथ थैला ले जाना न भूलें। आने वाले दिनों में यह आदत आपके बड़े काम आएगी। क्योंकि, 21 जनवरी से सरकार हर प्रकार की पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने जा रही है। शासन के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने भी कमर कस ली है।
प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। इनसे गंभीर पर्यावरणीय व जन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार ने प्रदेश में पॉलीथिन उत्पादन, आयात, भंडारण व क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है।
हालांकि, पूर्व में 20 माइक्रोन से अधिक मोटाई की पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 40 माइक्रोन कर दिया गया था, परंतु अब सभी प्रकार की पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गई है। यह प्रतिबंध 21 जनवरी से लागू होगा। इस संबंध में शासन ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से जांच अभियान चलाएगा। जांच में पॉलीथिन पाए जाने पर जब्त होगी तथा संबंधित का चालान काटा जाएगा।
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‘पॉलीथिन के उत्पादन, आयात, खरीद - फरोख्त आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। बेहतर होगा कि व्यापारी व ग्राहक पॉलीथिन का किसी भी दशा में इस्तेमाल न करें।’
- के के श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
निमंत्रण पत्र में भी नहीं होगा इस्तेमाल
झांसी। इन दिनों निमंत्रण पत्र भी पॉलीथिन में पैक करके दिए जाते हैं, लेकिन अब इसे भी प्रतिबंधित कर दिया है। किसी भी पुस्तक, निमंत्रण पत्र आदि को बांधने के लिए प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
पैक पॉलीथिन प्रतिबंध से बाहर
झांसी। विभिन्न उत्पादों की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पॉलीथिन प्रतिबंधित नहीं की गई है। इनमें विभिन्न कंपनियों के खाद्य पदार्थ व अन्य उपयोग की वस्तुओं की पैकिंग शामिल है।
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प्लास्टिक की थैलियां पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। इनसे गंभीर पर्यावरणीय व जन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। इस पर नियंत्रण के लिए सरकार ने प्रदेश में पॉलीथिन उत्पादन, आयात, भंडारण व क्रय विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है।
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हालांकि, पूर्व में 20 माइक्रोन से अधिक मोटाई की पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 40 माइक्रोन कर दिया गया था, परंतु अब सभी प्रकार की पॉलीथिन प्रतिबंधित कर दी गई है। यह प्रतिबंध 21 जनवरी से लागू होगा। इस संबंध में शासन ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश जारी कर दिए हैं। बोर्ड जिला प्रशासन व नगर निगम के सहयोग से जांच अभियान चलाएगा। जांच में पॉलीथिन पाए जाने पर जब्त होगी तथा संबंधित का चालान काटा जाएगा।
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‘पॉलीथिन के उत्पादन, आयात, खरीद - फरोख्त आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इसमें पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा। बेहतर होगा कि व्यापारी व ग्राहक पॉलीथिन का किसी भी दशा में इस्तेमाल न करें।’
- के के श्रीवास्तव, क्षेत्रीय अधिकारी - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
निमंत्रण पत्र में भी नहीं होगा इस्तेमाल
झांसी। इन दिनों निमंत्रण पत्र भी पॉलीथिन में पैक करके दिए जाते हैं, लेकिन अब इसे भी प्रतिबंधित कर दिया है। किसी भी पुस्तक, निमंत्रण पत्र आदि को बांधने के लिए प्लास्टिक कवर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
पैक पॉलीथिन प्रतिबंध से बाहर
झांसी। विभिन्न उत्पादों की पैकेजिंग के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पॉलीथिन प्रतिबंधित नहीं की गई है। इनमें विभिन्न कंपनियों के खाद्य पदार्थ व अन्य उपयोग की वस्तुओं की पैकिंग शामिल है।