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पोल्ट्री उत्पाद लाने पर लगी पाबंदी खत्म
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झांसी। बर्ड फ्लू के चलते पोल्ट्री उत्पादों के आवागमन पर लगाई गई पाबंदी खत्म कर दी गई। इन उत्पादों को उप्र में लाने पर नौ दिन पहले पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन परीक्षण के दौरान स्ट्रेन एच-5 एन-1 के मानव में संक्रमण नहीं होने की पुष्टि के बाद इसे खत्म कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के पोल्ट्री उत्पाद झांसी के रास्ते विभिन्न जनपदों तक पहुंचाए जाते थे, लेकिन मप्र में कई जगह पक्षियों की संदिग्ध मौत के बाद 11 जनवरी को प्रमुख सचिव भुवनेश कुमार के आदेश के बाद इनको उप्र में लाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। सीमावर्ती इलाका होने के नाते झांसी में निगरानी के निर्देश दिए गए। अब यह पाबंदी खत्म कर दी गई। अपर मुख्य पशु चिकित्सक डा.वाईके तोमर ने बताया कि शासन स्तर पर परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई है कि जंगली पक्षियों की बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा का एक रूप है। इससे मानव में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे प्रदेश से करीब चार हजार नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए, जिनमें महज 11 सैंपल ही पॉजीटिव पाए गए। इसको देखते हुए सरकार ने पाबंदी खत्म करने का फैसला किया। यह विषाणु 70 डिग्री सेंटीग्रेड पर तीन सेकेंड में नष्ट हो जाता है।
बता दें कि झांसी के पोल्ट्री उत्पादों की मांग का बड़ा हिस्सा मप्र के आसपास के इलाकों से पूरा होता है। हर माह करोड़ों रुपये के पोल्ट्री उत्पाद झांसी के रास्ते विभिन्न जनपदों में भेजे जाते हैं। पाबंदी हटाए जाने के बाद यह कारोबार दुबारा आरंभ हो सकेगा।
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मध्य प्रदेश के पोल्ट्री उत्पाद झांसी के रास्ते विभिन्न जनपदों तक पहुंचाए जाते थे, लेकिन मप्र में कई जगह पक्षियों की संदिग्ध मौत के बाद 11 जनवरी को प्रमुख सचिव भुवनेश कुमार के आदेश के बाद इनको उप्र में लाने पर पाबंदी लगा दी गई थी। सीमावर्ती इलाका होने के नाते झांसी में निगरानी के निर्देश दिए गए। अब यह पाबंदी खत्म कर दी गई। अपर मुख्य पशु चिकित्सक डा.वाईके तोमर ने बताया कि शासन स्तर पर परीक्षण के दौरान यह बात सामने आई है कि जंगली पक्षियों की बीमारी एवियन इन्फ्लूएंजा का एक रूप है। इससे मानव में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे प्रदेश से करीब चार हजार नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए, जिनमें महज 11 सैंपल ही पॉजीटिव पाए गए। इसको देखते हुए सरकार ने पाबंदी खत्म करने का फैसला किया। यह विषाणु 70 डिग्री सेंटीग्रेड पर तीन सेकेंड में नष्ट हो जाता है।
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बता दें कि झांसी के पोल्ट्री उत्पादों की मांग का बड़ा हिस्सा मप्र के आसपास के इलाकों से पूरा होता है। हर माह करोड़ों रुपये के पोल्ट्री उत्पाद झांसी के रास्ते विभिन्न जनपदों में भेजे जाते हैं। पाबंदी हटाए जाने के बाद यह कारोबार दुबारा आरंभ हो सकेगा।
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