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बसंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ धक्का-मुक्की, तोड़फोड़
ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2016 01:15 AM IST
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झांसी। बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूल सिंह बरैया द्वारा वीरांगना रानी झांसी पर की गई अपमान जनक टिप्पणी से नाराज भाजपाइयों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने सभा स्थल पर तोड़फोड़ करते हुए फूल सिंह बरैया के साथ धक्का-मुक्की की। बच कर निकलते बरैया की कार पर पथराव भी किया गया, जिससे कार का शीशा टूट गया। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला।
आत्म हत्या करने वाले हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला को श्रद्धांजलि देने के लिए बहुजन संघर्ष दल के तत्वावधान में रविवार को बस स्टैंड के पास स्थित कुंज वाटिका विवाह घर में सभा का आयोजन किया गया था। सभा के मुख्य अतिथि बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूल सिंह बरैया ने अपने भाषण के दौरान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के खिलाफ अपमान जनक टिप्पणी करना शुरू कर दिया।
उन्होंने अपने भाषण में रानी की देशभक्ति पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए 1857 के संघर्ष का पूरा श्रेय झलकारी बाई को दिया और रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष व बलिदान को पूरी तरह से नकार दिया। यह जानकारी वहां मौजूद लोगों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मिली तो उनमें रोष फैल गया।
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भाजपा कार्यकर्ता महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी के नेतृत्व में थाना नवाबाद पहुंचे और पुलिस से आयोजन रुकवा कर फूल सिंह बरैया की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। काफी देर तक भाजपाई थाने पर धरना पर बैठे रहे, लेकिन पुलिस एक्शन में नहीं आई। इसी बीच एक भाजपाई ने सभी से कार्यक्रम स्थल चलने को कहा। इसके बाद सभी लोग कुंज वाटिका की ओर चल दिए।
भाजपाइयों को आयोजन स्थल पर जाते देख थाना नवाबाद पुलिस ने सदर बाजार थाना पुलिस को इस संबंध में सूचना दी। पुलिस और भाजपाई एक साथ कुंज वाटिका पहुंचे। वहां भाजपाइयों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सभा में मौजूद लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। हंगामा होता देख थानाध्यक्ष सदरबाजार आशीष कुमार मिश्र मंच पर चढ़ गए और नेताओं को सुरक्षित नीचे उतार दिया। सभी नेता एक-एक करके चले गए, लेकिन फूल सिंह बरैया पीछे जाकर कुर्सी पर बैठ गए।
इधर, भाजपाई नारेबाजी करते हुए कुर्सियां फेंकने लगे। इसी बीच किसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया कि रानी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नेता जी पीछे बैठे हैं। यह जानकारी लगते ही कुछ लोग बरैया की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर भाजपाइयों को रोकने का प्रयास किया।
इसी बीच एक पार्षद सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर घुस गए और फूल सिंह बरैया के साथ धक्का मुक्की कर दी। स्थिति को देखते हुए फूल सिंह बरैया ने दौड़ लगा दी और अपनी कार में बैठ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे कार का शीशा टूट गया। कुछ लोग कार रोकने दौड़े भी लेकिन सफल नहीं हो सके।
बाद में भाजपा नेता सुधीर सिंह एडवोकेट ने थाना नवाबाद में तहरीर देकर बताया कि मध्यप्रदेश के नेता ग्वालियर निवासी फूल सिंह बरैया ने झांसी की रानी की शान के खिलाफ बोलते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने देश के लिए नहीं अपने पुत्र को बचाने के लिए तलवार उठाई थी।
वह अंग्रेजों से मोर्चा लेते हुए शहीद नहीं हुई थी, बल्कि झांसी से भागकर ग्वालियर में आत्महत्या की थी। भाजपा नेता की तहरीर पर फूल सिंह बरैया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। गौरतलब है कि फूल सिंह बरैया पूर्व में बसपा में थे। लेकिन, बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। बाद में बरैया ने बहुजन संघर्ष दल के नाम से अलग संगठन बनाया है।
बिना परमीशन के हो रही थी सभा
कुंज वाटिका में हो रही श्रद्धांजलि सभा के लिए परमीशन नहीं ली गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा ने बताया कि सभा के लिए उनके पास किसी ने आवेदन नहीं किया था, जबकि एसएचओ सदरबाजार के अनुसार सभा शुरू होने के बाद उन्हें पत्र भेजकर जानकारी आयोजकों द्वारा दी गई थी।
तथाकथित आयोजक को पूछताछ के बाद छोड़ा
हंगामे के बाद जांच में जुटी पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से आयोजन स्थल की बुकिंग करने वाली एक महिला नेत्री व उनके सहयोगी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह कार्यक्रम की आयोजक नहीं हैं, अपने एक रिश्तेदार के कहने पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल की बुकिंग की थी। बाद में उन्हें जाने दिया गया।
मैंने कुछ भी विवादित नहीं बोला-बरैया
बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूल सिंह बरैया का कहना है कि इतिहासकारों ने झांसी की रानी को ज्यादा महिमामंडित किया है। झलकारी बाई को नजरंदाज किया गया, इस कारण उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसकी वह हकदार हैं। मैंने कुछ भी विवादित नहीं बोला।
‘झांसी’ ने कभी नहीं सहा ‘रानी’ का अपमान
झांसी। वीरांगना की नगरी में उनके सम्मान के खिलाफ बोलने वालों को झांसी वासियों ने हमेशा सबक सिखाया है। यह पहला मौका नहीं था जब वीरांगना की शान में किसी ने गुस्ताखी की हो। करीब दो दशक पूर्व तत्कालीन आईएएस अधिकारी ने वीरांगना की वीरता पर सवाल उठाए थे। इसके खिलाफ झांसी वासियों ने लंबा आंदोलन किया था। आईएएस का राज्य से बाहर स्थानांतरण होने पर ही झांसी वासियों ने चैन लिया था।
1995 में उप निदेशक अल्प बचत के पद पर कार्यरत बिहार निवासी आईएएस आरडी आर्या ने मऊरानीपुर की मंडी में हुए एक कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई पर विवादित टिप्पणी की थी। आईएएस ने महारानी को भगोड़ी कहकर संबोधित करते हुए यह रिकॉर्ड लंदन के म्यूजियम में दर्ज होने की बात कही थी।
यह खबर फैलते ही झांसी वासियों में आक्रोश फैल गया था और लोगों ने आईएएस को हटाने के लिए कई दिनों तक आंदोलन किया था। इस पर तत्कालीन कमिश्नर ने आईएएस का डीओ लेटर लिखकर भेज दिया था। इसके ठीक बाद आईएएस का उत्तर प्रदेश के ही बाहर तबादला कर दिया गया था।
रविवार को एक बार फिर जब रानी के सम्मान के खिलाफ बोला गया तो झांसी वासी उग्र हो गए। भाजपाइयों ने तो सभा स्थल पर जाकर ही हंगामा किया, जैसे-जैसे लोगों को इसकी जानकारी मिलती गई, उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप पर बरैया पर तीखी टिप्पणी की।
गनर ने तानी बंदूक
भाजपाइयों से बरैया को बचाने के लिए पुलिस सुरक्षा घेरा बनाए थी, लेकिन उसे बचा नहीं सकी। इस पर उनके गनर ने भाजपाइयों पर अपनी गन तान दी। गुस्साए भाजपाइयों पर इसका असर नहीं हुआ और उन्होंने बरैया की कार पर पत्थर बरसा दिए।
जब्त की वीडियो रिकॉर्डिंग
थाना सदर बाजार पुलिस ने कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहे कैमरामैन का कैमरा व कंप्यूटर जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि वीडियो फुटेज देखकर पता लगाया जाएगा कि फूल सिंह बरैया ने क्या कहा था, जिस पर विवाद हुआ।
बरैया मानसिक दिवालिये:कांग्रेस
बहुजन संघर्ष दल के नेता फूल सिंह बरैया के बयान पर कांग्रेसियों ने भी रोष जताया है। प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने बरैया को मानसिक दिवालिया करार दिया। उन्होंने कहा कि बरैया का अपराध माफी योग्य नहीं है।
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आत्म हत्या करने वाले हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला को श्रद्धांजलि देने के लिए बहुजन संघर्ष दल के तत्वावधान में रविवार को बस स्टैंड के पास स्थित कुंज वाटिका विवाह घर में सभा का आयोजन किया गया था। सभा के मुख्य अतिथि बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूल सिंह बरैया ने अपने भाषण के दौरान वीरांगना झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के खिलाफ अपमान जनक टिप्पणी करना शुरू कर दिया।
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उन्होंने अपने भाषण में रानी की देशभक्ति पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए 1857 के संघर्ष का पूरा श्रेय झलकारी बाई को दिया और रानी लक्ष्मीबाई के संघर्ष व बलिदान को पूरी तरह से नकार दिया। यह जानकारी वहां मौजूद लोगों से भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मिली तो उनमें रोष फैल गया।
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भाजपा कार्यकर्ता महानगर अध्यक्ष प्रदीप सरावगी के नेतृत्व में थाना नवाबाद पहुंचे और पुलिस से आयोजन रुकवा कर फूल सिंह बरैया की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। काफी देर तक भाजपाई थाने पर धरना पर बैठे रहे, लेकिन पुलिस एक्शन में नहीं आई। इसी बीच एक भाजपाई ने सभी से कार्यक्रम स्थल चलने को कहा। इसके बाद सभी लोग कुंज वाटिका की ओर चल दिए।
भाजपाइयों को आयोजन स्थल पर जाते देख थाना नवाबाद पुलिस ने सदर बाजार थाना पुलिस को इस संबंध में सूचना दी। पुलिस और भाजपाई एक साथ कुंज वाटिका पहुंचे। वहां भाजपाइयों ने जमकर नारेबाजी करते हुए सभा में मौजूद लोगों को खदेड़ना शुरू कर दिया। हंगामा होता देख थानाध्यक्ष सदरबाजार आशीष कुमार मिश्र मंच पर चढ़ गए और नेताओं को सुरक्षित नीचे उतार दिया। सभी नेता एक-एक करके चले गए, लेकिन फूल सिंह बरैया पीछे जाकर कुर्सी पर बैठ गए।
इधर, भाजपाई नारेबाजी करते हुए कुर्सियां फेंकने लगे। इसी बीच किसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं को बताया कि रानी के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने वाले नेता जी पीछे बैठे हैं। यह जानकारी लगते ही कुछ लोग बरैया की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर भाजपाइयों को रोकने का प्रयास किया।
इसी बीच एक पार्षद सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर घुस गए और फूल सिंह बरैया के साथ धक्का मुक्की कर दी। स्थिति को देखते हुए फूल सिंह बरैया ने दौड़ लगा दी और अपनी कार में बैठ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया, जिससे कार का शीशा टूट गया। कुछ लोग कार रोकने दौड़े भी लेकिन सफल नहीं हो सके।
बाद में भाजपा नेता सुधीर सिंह एडवोकेट ने थाना नवाबाद में तहरीर देकर बताया कि मध्यप्रदेश के नेता ग्वालियर निवासी फूल सिंह बरैया ने झांसी की रानी की शान के खिलाफ बोलते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ने देश के लिए नहीं अपने पुत्र को बचाने के लिए तलवार उठाई थी।
वह अंग्रेजों से मोर्चा लेते हुए शहीद नहीं हुई थी, बल्कि झांसी से भागकर ग्वालियर में आत्महत्या की थी। भाजपा नेता की तहरीर पर फूल सिंह बरैया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। गौरतलब है कि फूल सिंह बरैया पूर्व में बसपा में थे। लेकिन, बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। बाद में बरैया ने बहुजन संघर्ष दल के नाम से अलग संगठन बनाया है।
बिना परमीशन के हो रही थी सभा
कुंज वाटिका में हो रही श्रद्धांजलि सभा के लिए परमीशन नहीं ली गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा ने बताया कि सभा के लिए उनके पास किसी ने आवेदन नहीं किया था, जबकि एसएचओ सदरबाजार के अनुसार सभा शुरू होने के बाद उन्हें पत्र भेजकर जानकारी आयोजकों द्वारा दी गई थी।
तथाकथित आयोजक को पूछताछ के बाद छोड़ा
हंगामे के बाद जांच में जुटी पुलिस ने कार्यक्रम स्थल से आयोजन स्थल की बुकिंग करने वाली एक महिला नेत्री व उनके सहयोगी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। उन्होंने बताया कि वह कार्यक्रम की आयोजक नहीं हैं, अपने एक रिश्तेदार के कहने पर उन्होंने कार्यक्रम स्थल की बुकिंग की थी। बाद में उन्हें जाने दिया गया।
मैंने कुछ भी विवादित नहीं बोला-बरैया
बहुजन संघर्ष दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष फूल सिंह बरैया का कहना है कि इतिहासकारों ने झांसी की रानी को ज्यादा महिमामंडित किया है। झलकारी बाई को नजरंदाज किया गया, इस कारण उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसकी वह हकदार हैं। मैंने कुछ भी विवादित नहीं बोला।
‘झांसी’ ने कभी नहीं सहा ‘रानी’ का अपमान
झांसी। वीरांगना की नगरी में उनके सम्मान के खिलाफ बोलने वालों को झांसी वासियों ने हमेशा सबक सिखाया है। यह पहला मौका नहीं था जब वीरांगना की शान में किसी ने गुस्ताखी की हो। करीब दो दशक पूर्व तत्कालीन आईएएस अधिकारी ने वीरांगना की वीरता पर सवाल उठाए थे। इसके खिलाफ झांसी वासियों ने लंबा आंदोलन किया था। आईएएस का राज्य से बाहर स्थानांतरण होने पर ही झांसी वासियों ने चैन लिया था।
1995 में उप निदेशक अल्प बचत के पद पर कार्यरत बिहार निवासी आईएएस आरडी आर्या ने मऊरानीपुर की मंडी में हुए एक कार्यक्रम में रानी लक्ष्मीबाई पर विवादित टिप्पणी की थी। आईएएस ने महारानी को भगोड़ी कहकर संबोधित करते हुए यह रिकॉर्ड लंदन के म्यूजियम में दर्ज होने की बात कही थी।
यह खबर फैलते ही झांसी वासियों में आक्रोश फैल गया था और लोगों ने आईएएस को हटाने के लिए कई दिनों तक आंदोलन किया था। इस पर तत्कालीन कमिश्नर ने आईएएस का डीओ लेटर लिखकर भेज दिया था। इसके ठीक बाद आईएएस का उत्तर प्रदेश के ही बाहर तबादला कर दिया गया था।
रविवार को एक बार फिर जब रानी के सम्मान के खिलाफ बोला गया तो झांसी वासी उग्र हो गए। भाजपाइयों ने तो सभा स्थल पर जाकर ही हंगामा किया, जैसे-जैसे लोगों को इसकी जानकारी मिलती गई, उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप पर बरैया पर तीखी टिप्पणी की।
गनर ने तानी बंदूक
भाजपाइयों से बरैया को बचाने के लिए पुलिस सुरक्षा घेरा बनाए थी, लेकिन उसे बचा नहीं सकी। इस पर उनके गनर ने भाजपाइयों पर अपनी गन तान दी। गुस्साए भाजपाइयों पर इसका असर नहीं हुआ और उन्होंने बरैया की कार पर पत्थर बरसा दिए।
जब्त की वीडियो रिकॉर्डिंग
थाना सदर बाजार पुलिस ने कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग कर रहे कैमरामैन का कैमरा व कंप्यूटर जब्त कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि वीडियो फुटेज देखकर पता लगाया जाएगा कि फूल सिंह बरैया ने क्या कहा था, जिस पर विवाद हुआ।
बरैया मानसिक दिवालिये:कांग्रेस
बहुजन संघर्ष दल के नेता फूल सिंह बरैया के बयान पर कांग्रेसियों ने भी रोष जताया है। प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने बरैया को मानसिक दिवालिया करार दिया। उन्होंने कहा कि बरैया का अपराध माफी योग्य नहीं है।