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सैनिक स्कूल के निर्माण में देरी पर राजनीति गरमाई

Tue, 04 Dec 2018 02:13 AM IST
jhansi
jhansi Updated Tue, 04 Dec 2018 02:13 AM IST
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politics begion on sainik school jhansi
sainik school jhansi - फोटो : demo
बजट के अभाव में सैनिक स्कूल के निर्माण में हो रही देरी पर राजनीति शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश सरकार पर जानबूझ कर बजट न देने का आरोप लगाया जा रहा है। इस मुद्दे को प्रदेश के उच्च सदन में ले जाने की तैयारी है। वहीं, भाजपा सपा के आरोपों से इत्तेफाक नहीं रखती। पार्टी का कहना है कि पिछली सरकार की ये योजना भाजपा शासन में ही परवान चढ़ी है। स्कूल का बाहरी काम ही बचा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा।
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प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 19 मई 2015 को झांसी में सैनिक स्कूल का शिलान्यास किया था। स्कूल के निर्माण के लिए दिगारा में पचास एकड़ भूमि नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई थी। निर्माण के लिए तीन किस्तों में 51 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी। इस रकम से स्कूल के मुख्य भवन का निर्माण किया जा चुका है। कक्षाएं, छात्रावास, डायनिंग हॉल आदि का निर्माण हो चुका है। लेकिन, अभी भी काफी काम बाकी है। स्कूल के निर्माण में हो रही देरी की वजह से इसके संचालन में भी विलंब हो रहा है। निर्माण यदि समय पर पूरा हो जाता तो आगामी शिक्षण सत्र से इसका संचालन शुरू कर दिया जाता, परंतु देरी की वजह से अब ये संभव होता नजर नहीं आ रहा है।
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क्षेत्र के विकास की इस परियोजना में हो रही देरी पर अब राजनीति गरमा गई है। सपा की ओर से भाजपा को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। सपा का मानना है कि अखिलेश यादव की परियोजना को पूरा करने में भाजपा जानबूझकर देरी कर रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि स्कूल का ज्यादातर काम उनकी ही सरकार में हुआ। जल्द निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
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ये काम हैं बाकी
सैनिक स्कूल के लिए पानी की व्यवस्था की जानी है, जो बेतवा नदी से सीधे पाइप लाइन के जरिये स्कूल लाया जाना है। इसके अलावा ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाना है। साथ ही स्पोर्ट्स ग्राउंड भी तैयार किए जाने हैं। फर्नीचर व अन्य उपयोगी सामग्री की भी दरकार है। दिगारा-भगवंतपुरा बाईपास से स्कूल तक सड़क बनाई जानी है। इस पर तैंतीस करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। राजकीय निर्माण निगम के पास यह धनराशि नहीं है। यह रकम शासन से मांगी है, परंतु अभी मिली नहीं है।


विकास में बाधा बन रही भाजपा
भाजपा विकास में बाधा बनी हुई है। सैनिक स्कूल का निर्माण पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की महत्वाकांक्षी परियोजना थी। शिलान्यास के तत्काल बाद जमीन का बंदोबस्त कर बजट भी दे दिया गया था। लेकिन, प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से इसके लिए बजट नहीं मिला है, जिससे स्कूल का निर्माण लटका हुआ है। 18 दिसंबर से शुरू हो रहे विधान परिषद के सत्र में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

- रमा आरपी निरंजन, विधान परिषद सदस्य

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भाजपा सरकार में ही हुआ ज्यादातर काम
समाजवादी पार्टी का आरोप बेबुनियाद है। सैनिक स्कूल का ज्यादातर काम प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद हुआ है। आगे का काम भी लगातार जारी है। निर्माण में शासन - प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग किया जा रहा है। बजट की अगली किस्त भी कार्यदायी संस्था को जल्द मिल जाएगी। रही बात सपा के विकास की, तो ये किसी से छुपा नहीं हैं। सपा के लोगों ने सिर्फ अपना ही विकास किया।
- रवि शर्मा, विधायक
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