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पुलिस को किशोरों से लेकर बुजुर्गों तक से चुनाव की शांति को खतरा
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झांसी। मतदान को शांति पूर्ण कराने को पुलिस इन दिनों गांव-मोहल्लों में लोगों को पाबंद करने में जुटी है। धड़ल्ले से लोग कानूनी बंदिशों में पाबंद हो रहे हैं। संवेदनशील, क्रिटिकल एवं बरर्नेबल बूथ वाले इलाकों के लोग पुलिस की खास निगाह में है। इस पुलिसिया कवायद में पुलिस अफसरों ने उम्र तक नहीं देखी। पाबंद होने वालों में 16 साल के किशोर से लेकर 73 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं। अब इनको अपनी जमानत बांड भरवाने को एसडीएम कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है।
चुनावों के दौरान कोई गड़बड़ी न फैलाने पाए इसके लिए पुलिस इन दिनों धारा 116/3 के तहत लोगों को पाबंद करने में जुटी है। इसमें किशोर से लेकर बुजुर्ग तक पाबंद कर दिए गए। बबीना के बडौरा निवासी सुखराम (70), टकोरी निवासी जगजीवन अहिरवार (73), हंसारी निवासी कमला प्रसाद (72), परवारीपुर निवासी सोबरन (70) समेत कई बुजुर्ग पाबंद किए गए। इसी तरह कई इलाकों में 14-17 साल के किशोर भी पाबंद कर दिए गए।
पुलिस अमूमन खुफिया इनपुट के आधार पर पाबंद करने का काम करती है। पाबंद करने से पहले बीट सिपाही को गांव में जाकर व्यक्तियों के चाल-चलन का पता लगाना होता है लेकिन, अधिकांश मामले में इलाकों में जाए बिना ही ज्यादातर लोगों को पाबंद कर दिया। सबसे अधिक मैरी, उन्नाव गेट बाहर, छनियापुरा, कोछाभांवर, अंदर एवं बाहर ओरछा गेट, बुढ़पुरा, पालर, लकारा, खिसनी खुर्द, रानीपुर, अकसेव, सारौन, उज्जयान लोग पाबंद हुए हैं। इनको एक लाख से बीस लाख रुपये से पाबंद किया गया है। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी न हो इसके लिए खास तौर से सतर्कता बरती जा रही है।
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41,830 लोग किए जा चुके पाबंद
चुनाव अचार संहिता लागू होने के बाद से 14 फरवरी तक पूरे जनपद में 41,830 लोगों को पाबंद किए जा चुके। इनको न्यूनतम पचास हजार रुपये से लेकर अधिकतम 60 लाख रुपये से पाबंद किया गया। सबसे अधिक साठ लाख रुपये से टहरौली पुलिस ने टॉप टेनअपराधी चंदन सिंह निवासी कुकरगांव पाबंद किया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने पचास लाख रुपए से बड़ागांव गेट बाहर निवासी संजय वर्मा, कादिर, राजू कमरिया, ओरछा गेट बाहर निवासी फिरोज, सादिक, इमरान को पाबंद किया है। पाबंद होने से इनको अपनी जमानत कराने को एसडीएम कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
गड़बड़ी पर जमानत राशि के बराबर की संपत्ति होगी कुर्क
पाबंद होने के छह माह के अंदर वह व्यक्ति कोई गड़बड़ी करता है तब जितनी राशि से वह पाबंद होता है, उतनी धनराशि के बराबर की रकम की चल अथवा अचल संपत्ति कुर्क करने का अधिकार पुलिस को मिल जाता है।
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चुनावों के दौरान कोई गड़बड़ी न फैलाने पाए इसके लिए पुलिस इन दिनों धारा 116/3 के तहत लोगों को पाबंद करने में जुटी है। इसमें किशोर से लेकर बुजुर्ग तक पाबंद कर दिए गए। बबीना के बडौरा निवासी सुखराम (70), टकोरी निवासी जगजीवन अहिरवार (73), हंसारी निवासी कमला प्रसाद (72), परवारीपुर निवासी सोबरन (70) समेत कई बुजुर्ग पाबंद किए गए। इसी तरह कई इलाकों में 14-17 साल के किशोर भी पाबंद कर दिए गए।
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पुलिस अमूमन खुफिया इनपुट के आधार पर पाबंद करने का काम करती है। पाबंद करने से पहले बीट सिपाही को गांव में जाकर व्यक्तियों के चाल-चलन का पता लगाना होता है लेकिन, अधिकांश मामले में इलाकों में जाए बिना ही ज्यादातर लोगों को पाबंद कर दिया। सबसे अधिक मैरी, उन्नाव गेट बाहर, छनियापुरा, कोछाभांवर, अंदर एवं बाहर ओरछा गेट, बुढ़पुरा, पालर, लकारा, खिसनी खुर्द, रानीपुर, अकसेव, सारौन, उज्जयान लोग पाबंद हुए हैं। इनको एक लाख से बीस लाख रुपये से पाबंद किया गया है। एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी न हो इसके लिए खास तौर से सतर्कता बरती जा रही है।
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41,830 लोग किए जा चुके पाबंद
चुनाव अचार संहिता लागू होने के बाद से 14 फरवरी तक पूरे जनपद में 41,830 लोगों को पाबंद किए जा चुके। इनको न्यूनतम पचास हजार रुपये से लेकर अधिकतम 60 लाख रुपये से पाबंद किया गया। सबसे अधिक साठ लाख रुपये से टहरौली पुलिस ने टॉप टेनअपराधी चंदन सिंह निवासी कुकरगांव पाबंद किया। वहीं, कोतवाली पुलिस ने पचास लाख रुपए से बड़ागांव गेट बाहर निवासी संजय वर्मा, कादिर, राजू कमरिया, ओरछा गेट बाहर निवासी फिरोज, सादिक, इमरान को पाबंद किया है। पाबंद होने से इनको अपनी जमानत कराने को एसडीएम कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
गड़बड़ी पर जमानत राशि के बराबर की संपत्ति होगी कुर्क
पाबंद होने के छह माह के अंदर वह व्यक्ति कोई गड़बड़ी करता है तब जितनी राशि से वह पाबंद होता है, उतनी धनराशि के बराबर की रकम की चल अथवा अचल संपत्ति कुर्क करने का अधिकार पुलिस को मिल जाता है।