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पुलिस पर हमला करने वाले दो अभियुक्तों को सुनाई सजा
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झांसी। पुलिस टीम पर हमला करने वाले दो अलग-अलग अभियुक्तों को अदालत ने सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने पुलिस पर फायरिंग कर जानलेवा हमले का दोष सिद्घ होने पर तीन साल सात माह की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर के अनुसार 9 दिसंबर 2015 को थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ गश्त पर थे। पांच दिसंबर 2015 को अपहृत कमलेश अग्रवाल के अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम सिंह के साथ लगे थे। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कमलेश अग्रवाल के अपहरणकर्ता गंगावली गांव की तरफ कार से आने वाले हैं। यहां गांव छपरा रोड पर लगे क्रशर के आगे खड़े होकर इंतजार करने लगे। इसी बीच ग्राम छपरा की तरफ से आ रही एक कार को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार में सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने पीछा कर कांशीराम कोरी समेत उसके साथियों को पकड़ा था। सभी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
सोमवार को अदालत ने इस मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्त कांशीराम कोरी को तीन साल सात माह की सजा सुनाई है। इधर, अपर जिला जज कक्ष संख्या पांच व स्पेशल जज एनडीपीएस अभय श्रीवास्तव की अदालत ने भी पुलिस टीम पर हमला करने वाले अभियुक्त को छह साल की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरवैया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस टीमों पर फायरिंग के बाद थाना गरौठा के दुरखुरू गांव निवासी मुन्ना पंडित को गिरफ्तार किया था। सोमवार को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने पर अभियुक्त मुन्ना पंडित को न्यायालय ने धारा 307 में छह साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने पुलिस पर फायरिंग कर जानलेवा हमले का दोष सिद्घ होने पर तीन साल सात माह की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह गौर के अनुसार 9 दिसंबर 2015 को थानाध्यक्ष संजय कुमार यादव पुलिस बल के साथ गश्त पर थे। पांच दिसंबर 2015 को अपहृत कमलेश अग्रवाल के अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम सिंह के साथ लगे थे। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि कमलेश अग्रवाल के अपहरणकर्ता गंगावली गांव की तरफ कार से आने वाले हैं। यहां गांव छपरा रोड पर लगे क्रशर के आगे खड़े होकर इंतजार करने लगे। इसी बीच ग्राम छपरा की तरफ से आ रही एक कार को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार में सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस टीम ने पीछा कर कांशीराम कोरी समेत उसके साथियों को पकड़ा था। सभी के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी।
सोमवार को अदालत ने इस मामले में दोषी पाए जाने पर अभियुक्त कांशीराम कोरी को तीन साल सात माह की सजा सुनाई है। इधर, अपर जिला जज कक्ष संख्या पांच व स्पेशल जज एनडीपीएस अभय श्रीवास्तव की अदालत ने भी पुलिस टीम पर हमला करने वाले अभियुक्त को छह साल की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भान प्रकाश सिरवैया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पहुंची पुलिस टीमों पर फायरिंग के बाद थाना गरौठा के दुरखुरू गांव निवासी मुन्ना पंडित को गिरफ्तार किया था। सोमवार को साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने पर अभियुक्त मुन्ना पंडित को न्यायालय ने धारा 307 में छह साल की सजा व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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