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आवास पाना है तो जमा करने होंगे चार हजार रुपये
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मोंठ/झांसी। मंगलवार को सौराई गांव के अशोक कुमार के पास पत्र आया तो उसने पत्र में दिए गए मोबाइल नंबर पर बात की। अशोक ने बताया कि मोबाइल पर बात करने वाले ने अपना नाम रवि कुमार बताया। उसकी बात पर शक होने पर उन्होंने बीडीओ से संपर्क किया। इस पर उन्होंने बताया कि यह पत्र फर्जी है। प्रधानमंत्री आवास के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं लिया जाता है।
अशोक ने बताया कि मंगलवार को डाक से पत्र आने पर उसने खोलकर देखा तो उसमें प्रधानमंत्री की फोटो, भारत सरकार का चिह्न अशोक की लाट और उप्र सरकार की मुहर लगी थी। पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री आवास के ऑफलाइन आवेदन के लिए दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करो। मोबाइल नंबर पर बात की तो उसने कहा कि आवास के लिए चार हजार रुपये जमा करने होंगे। इस पर उसने बीडीओ सुभाष नेमा को बताया। बीडीओ ने भी छद्म नाम से उससे मोबाइल पर बात की। इस पर उसने कहा कि तुम्हारे पिता को सब कुछ बता चुके हैं। जल्द आवास के लिए चार हजार रुपये जमा करने होंगे। बीडीओ को इसी तरह के पत्रों के आने के बारे में कई और लोगों ने भी बताया। जांच के बाद बीडीओ ने बताया कि पत्र फर्जी हैं। ग्रामीण इस तरह के किसी झांसे में न आएं। बीडीओ सुभाष नेमा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी तरह का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आवास के लिए एक लाख बीस हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र के लोगों को दो लाख पचास हजार रुपये दिए जाते हैं। बीडीओ ने कहा कि शाम को बैंक बंद हो गया था। इसलिए जिस खाता संख्या में उसने पैसे जमा करने को कहा था उसकी जानकारी नहीं हो सकी है। बुधवार को उसकी जानकारी ली जाएगी। खाताधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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अशोक ने बताया कि मंगलवार को डाक से पत्र आने पर उसने खोलकर देखा तो उसमें प्रधानमंत्री की फोटो, भारत सरकार का चिह्न अशोक की लाट और उप्र सरकार की मुहर लगी थी। पत्र में लिखा था कि प्रधानमंत्री आवास के ऑफलाइन आवेदन के लिए दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करो। मोबाइल नंबर पर बात की तो उसने कहा कि आवास के लिए चार हजार रुपये जमा करने होंगे। इस पर उसने बीडीओ सुभाष नेमा को बताया। बीडीओ ने भी छद्म नाम से उससे मोबाइल पर बात की। इस पर उसने कहा कि तुम्हारे पिता को सब कुछ बता चुके हैं। जल्द आवास के लिए चार हजार रुपये जमा करने होंगे। बीडीओ को इसी तरह के पत्रों के आने के बारे में कई और लोगों ने भी बताया। जांच के बाद बीडीओ ने बताया कि पत्र फर्जी हैं। ग्रामीण इस तरह के किसी झांसे में न आएं। बीडीओ सुभाष नेमा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी तरह का रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आवास के लिए एक लाख बीस हजार रुपये तथा शहरी क्षेत्र के लोगों को दो लाख पचास हजार रुपये दिए जाते हैं। बीडीओ ने कहा कि शाम को बैंक बंद हो गया था। इसलिए जिस खाता संख्या में उसने पैसे जमा करने को कहा था उसकी जानकारी नहीं हो सकी है। बुधवार को उसकी जानकारी ली जाएगी। खाताधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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