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पीपा पुल खोला, झांसी आने के लिए 35 गांव के लोग लगाएंगे 30 किलोमीटर का चक्कर
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झांसी। बेतवा नदी पर पारीछा से उजयान गांव के बीच बना करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा पीपा पुल मानसून को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने खोल दिया। यह पीपा पुल उप्र समेत मप्र के तकरीबन 35 गांवों के लोगों के लिए झांसी आने-जाने का सबसे बड़ा सहारा था। इसके खुलने से लोगों को करीब 30 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ रहा है हालांकि कुछ लोग जोखिम उठाकर नाव से नदी पार करके झांसी आ रहे हैं।
बड़ागांव ब्लॉक के उजयान को पारीछा से जोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी का निर्माण खंड तीन हर वर्ष अक्तूबर महीने में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा पीपा पुल बनाता है। इस पुल से यूपी के गांव उजयान, बाबरगढ़, पठा, इटोरा, खड़ेसर, बारई, बैरीसालपुरा, सारोल, भरौली, धवरा, बंगरा, इकरी, बगुवा व मध्य प्रदेश के सैदरी, बिजोर, बागाट, बपरौली, उपरीखेड़ा, तरगुवा, बिहारीपुरा, बाबई समेत 35 गांव के तकरीबन 50 हजार लोग आसानी से झांसी आते-जाते रहते थे। लेकिन, बारिश को देखते हुए यह पुल बृहस्पतिवार को तोड़ दिया गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
अब इस पुल के न होने से इन इलाके के लोगों को झांसी आने-जाने के लिए करीब 30 किमी लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। वहीं, सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं। अधीक्षण अभियंता बीएल सिंह का कहना है मानसून के दौरान नदी में तेज बहाव के चलते इस पुल से आवागमन खतरनाक हो जाता है। इसे देखते हुए पुल को हटा लिया जाता है।
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बीस रुपये में मोटर साइकिल भी नाव पर रख लेते हैं
पीपा पुल खत्म हो जाने से अब स्थानीय लोग लंबे रास्ते से बचने के लिए नाव का सहारा लेकर झांसी की ओर आ रहे हैं। इसके लिए यहां दो नाव भी चलाई जाने लगी है। इसी नाव में मोटर साइकिल एवं साइकिल लेकर लोग दूसरी ओर उतरते हैं। बीस रुपये देकर नाविक मोटर साइकिल को भी नाव पर चढ़ा लेता है। इस वजह से गंभीर हादसे के आशंका भी होती है लेकिन, लंबे चक्कर से बचने के लिए सैकड़ों लोग रोजाना इसी माध्यम से नदी पार कर रहे हैं।
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बड़ागांव ब्लॉक के उजयान को पारीछा से जोड़ने के लिए पीडब्ल्यूडी का निर्माण खंड तीन हर वर्ष अक्तूबर महीने में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा पीपा पुल बनाता है। इस पुल से यूपी के गांव उजयान, बाबरगढ़, पठा, इटोरा, खड़ेसर, बारई, बैरीसालपुरा, सारोल, भरौली, धवरा, बंगरा, इकरी, बगुवा व मध्य प्रदेश के सैदरी, बिजोर, बागाट, बपरौली, उपरीखेड़ा, तरगुवा, बिहारीपुरा, बाबई समेत 35 गांव के तकरीबन 50 हजार लोग आसानी से झांसी आते-जाते रहते थे। लेकिन, बारिश को देखते हुए यह पुल बृहस्पतिवार को तोड़ दिया गया। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
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अब इस पुल के न होने से इन इलाके के लोगों को झांसी आने-जाने के लिए करीब 30 किमी लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है। वहीं, सैकड़ों लोग जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं। अधीक्षण अभियंता बीएल सिंह का कहना है मानसून के दौरान नदी में तेज बहाव के चलते इस पुल से आवागमन खतरनाक हो जाता है। इसे देखते हुए पुल को हटा लिया जाता है।
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बीस रुपये में मोटर साइकिल भी नाव पर रख लेते हैं
पीपा पुल खत्म हो जाने से अब स्थानीय लोग लंबे रास्ते से बचने के लिए नाव का सहारा लेकर झांसी की ओर आ रहे हैं। इसके लिए यहां दो नाव भी चलाई जाने लगी है। इसी नाव में मोटर साइकिल एवं साइकिल लेकर लोग दूसरी ओर उतरते हैं। बीस रुपये देकर नाविक मोटर साइकिल को भी नाव पर चढ़ा लेता है। इस वजह से गंभीर हादसे के आशंका भी होती है लेकिन, लंबे चक्कर से बचने के लिए सैकड़ों लोग रोजाना इसी माध्यम से नदी पार कर रहे हैं।