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Jhansi News: बासमती धान की फसल पर कीट का प्रकोप, किसान चिंतित
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संवाद न्यूज एजेंसी
लावन /मोंठ। मोंठ क्षेत्र में बासमती धान की फसल पर बीपीएच (ब्राउन प्लांट हॉपर) रस चूसक कीट का प्रकोप सामने आया है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
1718 और 1121 किस्मों की कटाई में अभी करीब एक महीने का समय शेष है। ऐसे में फसल के पकने से पहले सूखने का खतरा किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। खरीफ सीजन में 1509 और 1692 किस्म के धान की कटाई शुरू हो चुकी है। ये किस्में अब मंडी में भी आने लगी हैं। मोंठ, अटरिया अमरा, भरोसा, रेव, गडूका, छपार, लावन, पुलिया, बसोवई और बुढ़ावली सहित कई गांवों में इस कीट का असर दिख रहा है। बीपीएच कीट धान के पौधों के निचले हिस्से से रस चूसता है। इसके प्रकोप से पौधे पीले पड़ने लगते हैं और गंभीर स्थिति में सूख सकते हैं। खेत में गोलाकार हिस्सों में फसल सूखने के लक्षण दिखाई देते हैं। इससे दानों का विकास प्रभावित होने और उत्पादन घटने की आशंका रहती है।
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कीट नियंत्रण के उपाय
वीवा क्रॉप साइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि मिथलेश परिहार ने बताया कि बीपीएच कीट की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। पौधों के निचले हिस्से में कीटों की मौजूदगी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कीट नियंत्रण के लिए डाइनोटेफ्यूरान 15 प्रतिशत और पाइमेट्रोजिन 45 प्रतिशत के संयोजन वाले उत्पाद का उल्लेख किया। बताया कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं को मिलाकर छिड़काव करने से बचना चाहिए।
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कीट का प्रकोप हर साल फसलों को नुकसान पहुंचाता है। इसके नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
- मुन्ना यादव, बुढ़ावली
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कीट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बचाव के लिए फसल पर कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।
- अजय तिवारी, लावन
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लावन /मोंठ। मोंठ क्षेत्र में बासमती धान की फसल पर बीपीएच (ब्राउन प्लांट हॉपर) रस चूसक कीट का प्रकोप सामने आया है। इससे किसान काफी चिंतित हैं। क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में सैकड़ों एकड़ फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
1718 और 1121 किस्मों की कटाई में अभी करीब एक महीने का समय शेष है। ऐसे में फसल के पकने से पहले सूखने का खतरा किसानों की चिंता बढ़ा रहा है। खरीफ सीजन में 1509 और 1692 किस्म के धान की कटाई शुरू हो चुकी है। ये किस्में अब मंडी में भी आने लगी हैं। मोंठ, अटरिया अमरा, भरोसा, रेव, गडूका, छपार, लावन, पुलिया, बसोवई और बुढ़ावली सहित कई गांवों में इस कीट का असर दिख रहा है। बीपीएच कीट धान के पौधों के निचले हिस्से से रस चूसता है। इसके प्रकोप से पौधे पीले पड़ने लगते हैं और गंभीर स्थिति में सूख सकते हैं। खेत में गोलाकार हिस्सों में फसल सूखने के लक्षण दिखाई देते हैं। इससे दानों का विकास प्रभावित होने और उत्पादन घटने की आशंका रहती है।
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कीट नियंत्रण के उपाय
वीवा क्रॉप साइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि मिथलेश परिहार ने बताया कि बीपीएच कीट की संख्या तेजी से बढ़ सकती है। पौधों के निचले हिस्से में कीटों की मौजूदगी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कीट नियंत्रण के लिए डाइनोटेफ्यूरान 15 प्रतिशत और पाइमेट्रोजिन 45 प्रतिशत के संयोजन वाले उत्पाद का उल्लेख किया। बताया कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं को मिलाकर छिड़काव करने से बचना चाहिए।
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कीट का प्रकोप हर साल फसलों को नुकसान पहुंचाता है। इसके नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए।
- मुन्ना यादव, बुढ़ावली
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कीट ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बचाव के लिए फसल पर कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है।
- अजय तिवारी, लावन