{"_id":"6ad14767e32c3ef0d6019a2f","slug":"forensic-experts-soldiers-of-justice-jhansi-news-c-11-jhs1019-898765-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: फॉरेंसिक विशेषज्ञ न्याय के सिपाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: फॉरेंसिक विशेषज्ञ न्याय के सिपाही
विज्ञापन
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फॉरेंसिक साइंस विभाग में पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे कलाम की जयंती
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के फोरेंसिक साइंस विभाग में पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर कार्यक्रम हुआ। इस दौरान अटल एल्युमनाई टॉक सीरीज के तहत एल्युमनाई व्याख्यान हुए।
मुख्य अतिथि अपर जिला न्यायाधीश एसके चौधरी ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था में फॉरेंसिक विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ न्याय के सिपाही हैं। वर्तमान समय फॉरेंसिक विज्ञान का युग है, जहां वैज्ञानिक साक्ष्य निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की जिम्मेदारी केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण करना ही नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण है।
अटल एल्युमनाई टॉक सीरीज के तहत पुरातन छात्र विवेक कुमार ने डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों का महत्व बताया। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण, विश्लेषण व उनकी प्रामाणिकता बनाए रखने के महत्व भी बताए। इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार यादव, सहायक आचार्य डॉ. मुरली मनोहर यादव, डॉ. आकाश कुमार, चंदन नामदेव, आकाश मृत्युंजय,अंकिता सिकोरिया आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अतिथि अपर जिला न्यायाधीश एसके चौधरी ने विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था में फॉरेंसिक विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ न्याय के सिपाही हैं। वर्तमान समय फॉरेंसिक विज्ञान का युग है, जहां वैज्ञानिक साक्ष्य निष्पक्ष एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की जिम्मेदारी केवल वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण करना ही नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया को विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
अटल एल्युमनाई टॉक सीरीज के तहत पुरातन छात्र विवेक कुमार ने डिजिटल फॉरेंसिक साक्ष्यों का महत्व बताया। उन्होंने डिजिटल साक्ष्यों के संग्रहण, संरक्षण, विश्लेषण व उनकी प्रामाणिकता बनाए रखने के महत्व भी बताए। इस दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. विजय कुमार यादव, सहायक आचार्य डॉ. मुरली मनोहर यादव, डॉ. आकाश कुमार, चंदन नामदेव, आकाश मृत्युंजय,अंकिता सिकोरिया आदि उपस्थित रहे। ब्यूरो
विज्ञापन