बारिश की भेंट चढ़ा निवाला!: गोदाम में पानी भरने से करोड़ों की मूंगफली-मसूर बर्बाद, नुकसान का आकलन करना शुरू
बुधवार-बृहस्पतिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश की वजह से गोदाम में पांच फीट तक पानी भर गया था। हालांकि, पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए थे, लेकिन बारिश इतनी तेज थी कि बचाव के सारे उपाय बेकार हो गए।
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गोदाम में बारिश का पानी भरने की वजह से उसमें रखी लगभग छह करोड़ रुपये कीमत की मसूर की दाल और मूंगफली बर्बाद हो गई। बचे हुए माल को अब आनन-फानन दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा बीमा कंपनियों की ओर से नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है।
पारीछा में स्थित गोदाम के एक भाग में केंद्रीय भंडारण निगम की मसूर की दाल की 50 किलोग्राम वजन की 60 हजार बोरियां रखी हुईं थीं। जबकि, दूसरे भाग में नाफेड की मूंगफली की 35 किलोग्राम वजन की 30 हजार बोरी भंडारित थीं। बुधवार-बृहस्पतिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश की वजह से गोदाम में पांच फीट तक पानी भर गया था। हालांकि, पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए थे, लेकिन बारिश इतनी तेज थी कि बचाव के सारे उपाय बेकार हो गए।
मौसम साफ होने के बाद जब बारिश का पानी कम हुआ, तब तक 11 हजार बोरियों में रखीं मसूर की दाल बर्बाद हो चुकी थी, जिसकी कीमत लगभग पांच करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी तरह चार हजार बोरियों में रखी मूंगफली भी खराब हो चुकी थी, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये आकी गई है। अब बची हुई मूंगफली को चिरगांव वेयर हाउस में शिफ्ट किया जा रहा है। जबकि, मसूर को झांसी के गोदाम में रखवाया जा रहा है। इसके अलावा बीमा कंपनियों की ओर से नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है।
राज्य भंडारण निगम के प्रबंधक सोनू यादव ने बताया कि अचानक बारिश तेज होने की वजह से माल को बचाने का समय ही नहीं मिला, जिससे यह नुकसान हुआ है। वहीं, केंद्रीय भंडारण निगम के प्रबंधक प्रशांत सिंह भदौरिया ने बताया कि गोदाम से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए थे, लेकिन बारिश इतनी तेज थी कि यह उपाय कारगर साबित नहीं हो पाए।