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गेहूं की उठान में हांफ रहा पीसीएफ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 May 2017 01:20 AM IST
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wheet purchese centre
- फोटो : demo
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गेहूं की जबर्दस्त खरीद हो रही है। रफ्तार यही रही तो 25 मई तक गोदाम फुल हो जाएंगे और गेहूं भंडारण की समस्या आ सकती है। प्राइवेट गोदामों में स्टाक करने का विकल्प भी है। ठेका नहीं होने के कारण पीसीएफ को यह उठान बहुत महंगी साबित हो रही है। अभी तक गोदाम प्रभारी अपनी जेब से पैसा खर्च कर रहे थे, लेकिन अब वह भी हाथ खड़े करने की स्थिति में आ गए हैं।
गेहूं की खरीद का लक्ष्य 4,44,400 मीट्रिक टन का है। अब तक सवा दो लाख क्विंटल तक पहुंच गई है। तीस लाख क्विंटल गेहूं स्टोर करने का इंतजाम किया गया है। ग्वालियर रोड स्थित फूड कारपोरेशन आफ इंडिया (एफसीआई) के गोदाम में 1.89 लाख क्विंटल गेहूं स्टोर करने की क्षमता है। अभी तक 82,825 क्विंटल गेहूं स्टोर हो चुका है। 25 मई तक गोदाम फुल हो जाएगा।
पारीछा और मऊरानीपुर के गोदाम फुल हो गए हैं। ट्रकों के भाड़े को खरीद केंद्र प्रभारियों की जेब से भुगतना पड़ रहा है। यहां तक तो ठीक था, लेकिन मऊरानीपुर व चिरगांव क्षेत्र में कोई गोदाम खाली नहीं होने के कारण अब रक्सा के पास डगरवाहा गोदाम में गेहूं स्टोर किया जा रहा है। टोल प्लाजा सेमरी और रक्सा में प्रति ट्रक 850 रुपये लग रहे हैं। इसे लेकर क्रय केंद्र प्रभारी दिक्कत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि यह पैसा नकद में जा रहा है। यदि ट्रक को यह पैसा नहीं दिया जाता है तो वह हाथ खड़े कर देता है। इस कारण मजबूरन केंद्र प्रभारी को अपनी जेब से पैसा देना पड़ रहा है। पैसे की किल्लत को देखते हुए ट्रक संचालक भी कन्नी काटने लगे हैं।
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ललितपुर में 15 जून तक टोकन बांटे
ललितपुर में गेहूं बेचने के लिए किसानों की लाइन लगी पड़ी है। खरीद केंद्रों पर किसानों की भीड़ इकट्ठी हो रही थी, लेकिन सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा था। ऐसे में अब वहां पर किसानों को टोकन बांट दिए गए हैं।15 जून तक के टोकन बंट चुके हैं और किसान अभी भी लाइन लगाए हुए हैं।
1,370 रुपये क्विंटल हो रही खरीद
ललितपुर जिला के किसानों को बेटा- बेटियों की शादी के लिए पैसे की जरूरत है। इसलिए वह गेहूं बेचना चाहते हैं, लेकिन गल्ला मंडी में टोकन बंट जाने के कारण उन्हें दिक्कत हो रही है। यही वजह है कि समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद वे 1,350 रुपये से 1,370 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच रहे हैं।
स्टोरेज की समस्या नहीं
प्रति माह 78 हजार क्विंटल गेहूं और चावल राशन की दुकानों के लिए जारी होता है। ऐसे में अगले माह तक गोदाम में कुछ गुंजाइश हो सकती है। राशन विक्रेता एक महीने के लिए एडवांस स्टाक उठा लें तो दिक्कत नहीं होगी।
- एनके मेहता
डिपो मैनेजर एफसीआई
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गेहूं की खरीद का लक्ष्य 4,44,400 मीट्रिक टन का है। अब तक सवा दो लाख क्विंटल तक पहुंच गई है। तीस लाख क्विंटल गेहूं स्टोर करने का इंतजाम किया गया है। ग्वालियर रोड स्थित फूड कारपोरेशन आफ इंडिया (एफसीआई) के गोदाम में 1.89 लाख क्विंटल गेहूं स्टोर करने की क्षमता है। अभी तक 82,825 क्विंटल गेहूं स्टोर हो चुका है। 25 मई तक गोदाम फुल हो जाएगा।
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पारीछा और मऊरानीपुर के गोदाम फुल हो गए हैं। ट्रकों के भाड़े को खरीद केंद्र प्रभारियों की जेब से भुगतना पड़ रहा है। यहां तक तो ठीक था, लेकिन मऊरानीपुर व चिरगांव क्षेत्र में कोई गोदाम खाली नहीं होने के कारण अब रक्सा के पास डगरवाहा गोदाम में गेहूं स्टोर किया जा रहा है। टोल प्लाजा सेमरी और रक्सा में प्रति ट्रक 850 रुपये लग रहे हैं। इसे लेकर क्रय केंद्र प्रभारी दिक्कत महसूस कर रहे हैं, क्योंकि यह पैसा नकद में जा रहा है। यदि ट्रक को यह पैसा नहीं दिया जाता है तो वह हाथ खड़े कर देता है। इस कारण मजबूरन केंद्र प्रभारी को अपनी जेब से पैसा देना पड़ रहा है। पैसे की किल्लत को देखते हुए ट्रक संचालक भी कन्नी काटने लगे हैं।
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ललितपुर में 15 जून तक टोकन बांटे
ललितपुर में गेहूं बेचने के लिए किसानों की लाइन लगी पड़ी है। खरीद केंद्रों पर किसानों की भीड़ इकट्ठी हो रही थी, लेकिन सभी किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा था। ऐसे में अब वहां पर किसानों को टोकन बांट दिए गए हैं।15 जून तक के टोकन बंट चुके हैं और किसान अभी भी लाइन लगाए हुए हैं।
1,370 रुपये क्विंटल हो रही खरीद
ललितपुर जिला के किसानों को बेटा- बेटियों की शादी के लिए पैसे की जरूरत है। इसलिए वह गेहूं बेचना चाहते हैं, लेकिन गल्ला मंडी में टोकन बंट जाने के कारण उन्हें दिक्कत हो रही है। यही वजह है कि समर्थन मूल्य 1,625 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद वे 1,350 रुपये से 1,370 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेच रहे हैं।
स्टोरेज की समस्या नहीं
प्रति माह 78 हजार क्विंटल गेहूं और चावल राशन की दुकानों के लिए जारी होता है। ऐसे में अगले माह तक गोदाम में कुछ गुंजाइश हो सकती है। राशन विक्रेता एक महीने के लिए एडवांस स्टाक उठा लें तो दिक्कत नहीं होगी।
- एनके मेहता
डिपो मैनेजर एफसीआई