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पासपोर्ट की तर्ज पर बनेंगे ड्राइविंग लाइसेंस
ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:46 AM IST
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झांसी। परिवहन विभाग झांसी समेत प्रदेश के दस जनपदों में पासपोर्ट की तर्ज पर ड्राइविंग लाइसेंस जारी करेगा। इसके लिए आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। साथ ही ऑनलाइन फीस जमा कर ऑनलाइन ही एप्वाइंटमेंट लेना होगा। निर्धारित समय पर आरटीओ कार्यालय पहुंचकर दस्तावेजों की जांच और बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह नई व्यवस्था सात मार्च से प्रारंभ कर दी जाएगी।
प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा और आईटी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत सात मार्च तक एनआईसी से आरटीओ आफिस के सिस्टम को अपडेट कराना होगा। 7 मार्च के बाद मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। लाइसेंस के लिए आवेदकों को परिवहन विभाग के सारथी साफ्टवेयर पर पहुंचकर लर्निंग डीएल के सामने क्लिक करना होगा।
आवेदन के साथ ही अपने एड्रेस और जन्म तिथि के प्रूफ का विवरण देना होगा। लाइसेंस की फीस भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। इसके साथ ही आवेदक को टाइम स्लाट मिल जाएगा। निर्धारित समय पर आरटीओ आफिस पहुंचकर अपने दस्तावेज सत्यापित कराने होंगे। इसके बाद टेस्ट और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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यह होगा फायदा
झांसी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सभी को वैध कागजात लगाने होंगे। विधिवत परीक्षा देनी होगी और डीएल भी रजिस्टर्ड डाक से प्राप्त होगा। ऐसे में दलालों की मनमानी पर रोक लगेगी और डीएल में फर्जीवाडे़ पर भी लगाम कसेगी।
यह होगी परेशानी
झांसी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से लोगों को नुकसान होगा। ज्यादातर केपास ऑनलाइन आवेदन की न तो सुविधा है और न ही इसकी जानकारी। ऐसे में दलाल अपना लैपटाप-कंप्यूटर सिस्टम लेकर आवेदन करेंगे या फिर साइबर कैफे पर जाना होगा। इसकेलिए ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे। गांव-देहात के आवेदकों को इससे ज्यादा परेशानी का सामना करना होगा। परिवहन विभाग को मैनुअल सिस्टम को भी चालू रखना चाहिए था।
इन जिलों में होगी ऑनलाइन व्यवस्था
झांसी। परिवहन विभाग शुरुआत में ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस की योजना दस जनपद में प्रारंभ करने जा रहा है। इनमें गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर और झांसी शामिल हैं।
‘इस संबंध में विभागीय निर्देश प्राप्त हो गए हैं। ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों को सहूलियत होगी। साथ ही इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।’
- संजय सिंह, आरटीओ
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प्रदेश के अपर परिवहन आयुक्त सड़क सुरक्षा और आईटी द्वारा जारी किए गए निर्देशों के तहत सात मार्च तक एनआईसी से आरटीओ आफिस के सिस्टम को अपडेट कराना होगा। 7 मार्च के बाद मैनुअल आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। लाइसेंस के लिए आवेदकों को परिवहन विभाग के सारथी साफ्टवेयर पर पहुंचकर लर्निंग डीएल के सामने क्लिक करना होगा।
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आवेदन के साथ ही अपने एड्रेस और जन्म तिथि के प्रूफ का विवरण देना होगा। लाइसेंस की फीस भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। इसके साथ ही आवेदक को टाइम स्लाट मिल जाएगा। निर्धारित समय पर आरटीओ आफिस पहुंचकर अपने दस्तावेज सत्यापित कराने होंगे। इसके बाद टेस्ट और बायोमेट्रिक की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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यह होगा फायदा
झांसी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से सभी को वैध कागजात लगाने होंगे। विधिवत परीक्षा देनी होगी और डीएल भी रजिस्टर्ड डाक से प्राप्त होगा। ऐसे में दलालों की मनमानी पर रोक लगेगी और डीएल में फर्जीवाडे़ पर भी लगाम कसेगी।
यह होगी परेशानी
झांसी। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होने से लोगों को नुकसान होगा। ज्यादातर केपास ऑनलाइन आवेदन की न तो सुविधा है और न ही इसकी जानकारी। ऐसे में दलाल अपना लैपटाप-कंप्यूटर सिस्टम लेकर आवेदन करेंगे या फिर साइबर कैफे पर जाना होगा। इसकेलिए ज्यादा रुपये खर्च करने होंगे। गांव-देहात के आवेदकों को इससे ज्यादा परेशानी का सामना करना होगा। परिवहन विभाग को मैनुअल सिस्टम को भी चालू रखना चाहिए था।
इन जिलों में होगी ऑनलाइन व्यवस्था
झांसी। परिवहन विभाग शुरुआत में ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस की योजना दस जनपद में प्रारंभ करने जा रहा है। इनमें गाजियाबाद, नोएडा, कानपुर, आगरा, मेरठ, इलाहाबाद, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर और झांसी शामिल हैं।
‘इस संबंध में विभागीय निर्देश प्राप्त हो गए हैं। ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होने से लोगों को सहूलियत होगी। साथ ही इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश भी नहीं रहेगी।’
- संजय सिंह, आरटीओ