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उत्तम क्षमा गहो रे भाई, इह भव परभव जस सुखदाई...
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paryusarn parv
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झांसी। जैन समाज का पर्युषण पर्व रविवार को शुरू हो गया। पर्व के शुरू होते ही जिनालयों और घरों में णमोकार मंत्र की गूंज हुई। कोरोना वायरस के चलते श्रावक-श्राविकाओं ने घर में ही धर्म आराधना की। पूजा अर्चना के साथ पहले दिन श्रावक-श्राविकाओं ने उत्तम क्षमा धर्म को धारण करने का संकल्प लिया। वहीं करगुवांजी जैन तीर्थ से शांतिधारा का लाइव प्रसारण किया गया।
जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का विशेष महत्व है। रविवार को पर्व के शुभारंभ पर जैन श्रावकों ने उत्साह नजर आया। घरों में सोलहकारण, पंचमेरू और दशलक्षण धर्म की पूजन की गई। इसके साथ ही लोगों ने उत्तम क्षमा धर्म के पालन का संकल्प लिया। वहीं घरों में व्रत और नियम कर संयम धारण किया।
वहीं जैन तीर्थ करगुवां जी में चल रहे लाइव शांति धारा पूजन में इंदौर से आचार्य विद्यासागर महाराज आशीर्वाद मिलने पर श्रावक-श्राविकाएं अभिभूत हो उठे। तीर्थ पर पंडित राहुल शास्त्री के निर्देशन में पूजा अभिषेक एवं तत्वार्थ सूत्र की वाचना संपन्न हुई। इस मौके पर पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि क्रोध कभी भी शांति नहीं ला सकता। जिनवाणी के अनुसार क्रोध करना अपने ही पतन का कारण होता है। अपनी भूलों के पश्चाताप से अपनी आत्मा को निर्मल बनाने का संदेश उत्तम क्षमा का दिन देता है। कोरोना महामारी के कारण झांसी समेत विभिन्न नगरों में श्रद्धालुओं ने करगुवां जी तीर्थ से लाइव अभिषेक, पूजन, शांति मंत्र की आहुति में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त किया। इंदौर रेवती रेंज से ब्रह्मचारी सुनील भैया ने आचार्य श्री का संदेश सुनाकर पर्यूषण पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुंबई से डॉ. बरखा जैन, राजेश जैन, जितेंद्र चौधरी, पारस जैन रोहित जैन ने सहयोग किया।
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आज होगी उत्तम मार्दव की पूजा
तीर्थ के मंत्री सुभाष जैन सत्यराज ने बताया कि पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की होगी। इस दौरान समाज के श्रावक बंधु मान कषाय का दमन करेंगे।
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जैन धर्म में पर्यूषण पर्व का विशेष महत्व है। रविवार को पर्व के शुभारंभ पर जैन श्रावकों ने उत्साह नजर आया। घरों में सोलहकारण, पंचमेरू और दशलक्षण धर्म की पूजन की गई। इसके साथ ही लोगों ने उत्तम क्षमा धर्म के पालन का संकल्प लिया। वहीं घरों में व्रत और नियम कर संयम धारण किया।
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वहीं जैन तीर्थ करगुवां जी में चल रहे लाइव शांति धारा पूजन में इंदौर से आचार्य विद्यासागर महाराज आशीर्वाद मिलने पर श्रावक-श्राविकाएं अभिभूत हो उठे। तीर्थ पर पंडित राहुल शास्त्री के निर्देशन में पूजा अभिषेक एवं तत्वार्थ सूत्र की वाचना संपन्न हुई। इस मौके पर पंचायत महामंत्री प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि क्रोध कभी भी शांति नहीं ला सकता। जिनवाणी के अनुसार क्रोध करना अपने ही पतन का कारण होता है। अपनी भूलों के पश्चाताप से अपनी आत्मा को निर्मल बनाने का संदेश उत्तम क्षमा का दिन देता है। कोरोना महामारी के कारण झांसी समेत विभिन्न नगरों में श्रद्धालुओं ने करगुवां जी तीर्थ से लाइव अभिषेक, पूजन, शांति मंत्र की आहुति में भाग लेने का सौभाग्य प्राप्त किया। इंदौर रेवती रेंज से ब्रह्मचारी सुनील भैया ने आचार्य श्री का संदेश सुनाकर पर्यूषण पर्व की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुंबई से डॉ. बरखा जैन, राजेश जैन, जितेंद्र चौधरी, पारस जैन रोहित जैन ने सहयोग किया।
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आज होगी उत्तम मार्दव की पूजा
तीर्थ के मंत्री सुभाष जैन सत्यराज ने बताया कि पर्युषण पर्व के दूसरे दिन उत्तम मार्दव धर्म की पूजा की होगी। इस दौरान समाज के श्रावक बंधु मान कषाय का दमन करेंगे।