{"_id":"5c59ec52bdec220c0c321988","slug":"parmatma-ki-sharan-me-milta-sukh","type":"story","status":"publish","title_hn":"परमात्मा की शरण में मिलता सुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परमात्मा की शरण में मिलता सुख
Wed, 06 Feb 2019 01:34 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
jhansi
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 06 Feb 2019 01:34 AM IST
विज्ञापन
murari das maharaj
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन के कथा व्यास मुरारी दास महाराज ने कहा कि परमात्मा की शरण में जाने से त्रिलोक का सुख प्राप्त होता है। सुदामा जी ने हृदय से भक्ति की और द्वारिकाधीश से त्रिलोक पाया।
आवास विकास कालोनी स्थित ध्यानेश्वर धाम शिव मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत कृष्ण सुदामा मिलन प्रसंग पर प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि जब सुदामा जी द्वारिका चलने को हुए, तो उनकी पत्नी ने भगवान कृष्ण को देने के लिए चावल दिए, जिसे भगवान ने स्वीकारते हुए बेहद अनमोल बताया। द्वारिकाधीश के प्रेम को देख सुदामा जी की आंखें भर आईं। इस पर कन्हैया बोले कि मित्रता में गरीबी और अमीरी का कोई महत्व नहीं है। सुख-दुख में जो मित्र एक दूसरे के काम आए, वहीं सच्ची मित्रता है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने भक्तों, मित्रों की हमेशा रक्षा की है। चीर हरण के समय द्रोपदी ने गुहार लगाई। भगवान कृष्ण रक्षा के लिए दौडे़ चले आए। परमात्मा को हृदय से पुकारों वह निश्चित ही आते हैं। शबरी की भक्ति ही थी कि भगवान राम उनके आश्रम में पहुंच गए। प्रवचन अवसर पर सौरभ तिवारी, रिंकू गुप्ता, राजवीर भदौरिया, राकेश सेन ने व्यास पीठ का पूजन किया। इस अवसर पर कुलदीप गुप्ता, सनी गुप्ता, नीरज हयारण, सावित्री गुप्ता, सुनीता भदौरिया, रक्षा अवस्थी, किरन सिंह आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन
आवास विकास कालोनी स्थित ध्यानेश्वर धाम शिव मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतर्गत कृष्ण सुदामा मिलन प्रसंग पर प्रवचन देते हुए उन्होंने कहा कि जब सुदामा जी द्वारिका चलने को हुए, तो उनकी पत्नी ने भगवान कृष्ण को देने के लिए चावल दिए, जिसे भगवान ने स्वीकारते हुए बेहद अनमोल बताया। द्वारिकाधीश के प्रेम को देख सुदामा जी की आंखें भर आईं। इस पर कन्हैया बोले कि मित्रता में गरीबी और अमीरी का कोई महत्व नहीं है। सुख-दुख में जो मित्र एक दूसरे के काम आए, वहीं सच्ची मित्रता है। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने भक्तों, मित्रों की हमेशा रक्षा की है। चीर हरण के समय द्रोपदी ने गुहार लगाई। भगवान कृष्ण रक्षा के लिए दौडे़ चले आए। परमात्मा को हृदय से पुकारों वह निश्चित ही आते हैं। शबरी की भक्ति ही थी कि भगवान राम उनके आश्रम में पहुंच गए। प्रवचन अवसर पर सौरभ तिवारी, रिंकू गुप्ता, राजवीर भदौरिया, राकेश सेन ने व्यास पीठ का पूजन किया। इस अवसर पर कुलदीप गुप्ता, सनी गुप्ता, नीरज हयारण, सावित्री गुप्ता, सुनीता भदौरिया, रक्षा अवस्थी, किरन सिंह आदि मौजूद रहीं।
विज्ञापन